RBI का बड़ा फैसला! रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, जानिए EMI पर क्या होगा असर

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को बैठक के फैसलों की घोषणा करते हुए बताया कि समिति के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है।

आरबीआई ने इसके साथ ही अपनी मौद्रिक नीति का रुख "तटस्थ" बनाए रखा है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और महंगाई से जुड़े जोखिमों के बीच बाजार की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई थीं।

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि देश की घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता देखने को मिल रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से बैंकों की उधारी लागत पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि फिलहाल होम लोन, वाहन लोन और अन्य ऋणों की ईएमआई में भी किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई का यह फैसला महंगाई नियंत्रण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। आने वाले महीनों में वैश्विक परिस्थितियों और महंगाई के आंकड़ों के आधार पर केंद्रीय बैंक आगे की नीति तय करेगा।
