भाषा के आधार पर एडमिशन से इंकार पड़ा भारी, निजी स्कूल पर 1 लाख का जुर्माना, संचालन बंद

अंबिकापुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल ने 4 साल के मासूम बच्चे को सिर्फ इसलिए प्रवेश देने से मना कर दिया क्योंकि वह हिंदी नहीं बोल पाता था और स्थानीय सरगुजिहा भाषा में बात करता था।

मामले ने तूल पकड़ा तो कलेक्टर अजीत वसंत ने तुरंत जांच के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा की जांच में आरोप सही पाए गए।
जांच में खुलासा हुआ कि चोपड़ापारा स्थित स्वरंग किड्स एकेडमी ने बच्चे के पिता से यह तक कह दिया कि यहां “बड़े घर के बच्चे पढ़ते हैं” और शिक्षक बच्चे की भाषा नहीं समझ पा रहे हैं, इसलिए उसे एडमिशन नहीं दिया जा सकता।

यह पूरा मामला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का सीधा उल्लंघन माना गया।
जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहा था। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए स्कूल पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और अगले आदेश तक संचालन पर रोक लगा दी है।
साथ ही प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल में पढ़ रहे अन्य बच्चों को जल्द से जल्द दूसरे उपयुक्त स्कूलों में एडमिशन दिलाया जाए।
