किसान के नाम पर 10 लाख का लोन लेकर 8.50 लाख हड़पे, शातिर आरोपी गिरफ्तार
बैंक मैनेजर से पहचान का झांसा देकर अशिक्षित किसान से की ठगी, जमीन नीलामी की कगार पर पहुंची


जगदलपुर। नगरनार थाना पुलिस ने एक अशिक्षित किसान के साथ बैंक लोन के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने किसान के नाम पर स्वीकृत 10 लाख रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन में से 8.50 लाख रुपये की राशि हड़प ली थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब किसान को बैंक से बकाया राशि जमा करने का नोटिस मिला और उसकी जमीन नीलामी की स्थिति में पहुंच गई।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी गणपति बघेल, निवासी ग्राम कुरंदी जामगुड़ा पारा, को बैल खरीदने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात लकी सेठिया नामक युवक से हुई। आरोपी ने खुद को बैंक अधिकारियों का परिचित बताते हुए आसानी से लोन दिलाने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने 8 सितंबर 2023 को किसान के आधार कार्ड, पैन कार्ड और जमीन संबंधी दस्तावेज लेकर आईसीआईसीआई बैंक जगदलपुर में उसका खाता खुलवाया। इसके बाद उसने चालाकी से अपना मोबाइल नंबर किसान के बैंक खाते से लिंक करा लिया। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने किसान के नाम पर 10 लाख रुपये का केसीसी लोन स्वीकृत करवा लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने किसान को झूठी जानकारी देते हुए बताया कि उसके नाम पर केवल 1.50 लाख रुपये का लोन मंजूर हुआ है। उसने किसान को एक लाख रुपये और बाद में 50 हजार रुपये नकद दिए, जबकि बाकी 8.50 लाख रुपये अपने कब्जे में रख लिए।

कई महीनों बाद जब बैंक की ओर से लोन की किस्त और बकाया राशि को लेकर नोटिस जारी किया गया, तब किसान को पूरे मामले की जानकारी हुई। नोटिस में 10 लाख रुपये के लोन का उल्लेख था, जिसे देखकर किसान के होश उड़ गए। जांच करने पर पता चला कि उसके नाम पर बड़ा लोन लेकर रकम का गबन कर लिया गया है। पीड़ित की शिकायत पर नगरनार थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी लकी सेठिया को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर, फोन-पे और चेकबुक के माध्यम से 8.50 लाख रुपये निकाल लिए थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और बैंक एटीएम कार्ड भी जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं आरोपी ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी तो नहीं की है। यह मामला बैंकिंग दस्तावेजों और मोबाइल नंबर लिंकिंग के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। पुलिस ने लोगों से अपने बैंक खातों और दस्तावेजों की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं देने की अपील की है।
