आय से अधिक संपत्ति मामले में सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक गिरफ्तार, ईओडब्ल्यू-एसीबी की बड़ी कार्रवाई

आय से अधिक संपत्ति मामले में सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक गिरफ्तार, ईओडब्ल्यू-एसीबी की बड़ी कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय को गिरफ्तार किया है। जांच में उनके पास करीब 5.28 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति और व्यय पाए गए हैं, जो उनकी वैध आय का लगभग 87.96 प्रतिशत है।

ईओडब्ल्यू-एसीबी के अनुसार, 63 वर्षीय राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय पहले सरगुजा जिले के अजिरमा प्रक्रिया केंद्र में उत्पादन सहायक के रूप में कार्यरत थे और बाद में बीज प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके खिलाफ थाना ईओडब्ल्यू/एसीबी रायपुर में अपराध क्रमांक 15/2020 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की गई थी।

जांच के दौरान एजेंसी ने आरोपी की आय, चल एवं अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश, खर्च और अन्य वित्तीय लेनदेन का विस्तृत परीक्षण किया। विवेचना में सामने आया कि जांच अवधि के दौरान आरोपी की कुल वैध आय 6,00,47,497.77 रुपये थी, जबकि उसी अवधि में उसने 11,28,67,045.50 रुपये का व्यय किया।

दोनों आंकड़ों की तुलना में आरोपी द्वारा 5,28,19,547.73 रुपये का अतिरिक्त व्यय पाया गया, जो उसकी ज्ञात आय का 87.96 प्रतिशत है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी इस अतिरिक्त संपत्ति और खर्च का कोई संतोषजनक एवं वैध स्रोत प्रस्तुत नहीं कर सका।

दस्तावेजी साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय अभिलेखों के आधार पर पर्याप्त प्रमाण मिलने के बाद ईओडब्ल्यू-एसीबी ने 17 जुलाई 2026 को राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय, बैकुण्ठपुर (जिला कोरिया) में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए जेल वारंट जारी किया, जिसके बाद उसे जिला जेल बैकुण्ठपुर दाखिल करा दिया गया।

ईओडब्ल्यू-एसीबी ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में वित्तीय दस्तावेजों और लेनदेन की गहन जांच के बाद ही कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी लंबी विवेचना और विभिन्न स्रोतों से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की गई।