झारखंड से दबोचे गए मवेशी तस्कर
सामरीपाठ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फरार दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए

बलरामपुर-रामानुजगंज। मवेशी तस्करी के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को सामरीपाठ पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों को उस मामले में गिरफ्तार किया है, जिसमें क्रूरतापूर्वक मवेशियों को एक पिकअप वाहन में ठूंसकर ले जाया जा रहा था। मामले में पहले ही मवेशियों से भरे वाहन और एक कार को जब्त किया जा चुका था।
पुलिस के अनुसार थाना सामरीपाठ में अपराध क्रमांक 27/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)घ तथा बीएनएस की धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अल्तीराजा अंसारी (31 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 9, सोतपुरवा, थाना रंका, जिला गढ़वा (झारखंड) तथा शफी आलम (28 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 3, ग्राम खपरो, पोस्ट रंकाराज, थाना रंका, जिला गढ़वा (झारखंड) के रूप में हुई है।

नाकेबंदी के दौरान हुआ था खुलासा
पुलिस को 11 जुलाई 2026 की रात गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुसमी क्षेत्र से एक सफेद रंग की पिकअप में बड़ी संख्या में मवेशियों को भरकर सामरीपाठ की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने केरापाठ मेन रोड पर चेक पोस्ट लगाकर नाकेबंदी शुरू की।
कुछ देर बाद एक आर्टिगा कार संदिग्ध रूप से आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर कार चालक वाहन मोड़कर भागने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रही मवेशियों से भरी पिकअप का चालक वाहन को केरापाठ तालाब के पास सड़क किनारे छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की ओर फरार हो गया।
वाहन में ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे मवेशी
पुलिस ने जब पिकअप की तलाशी ली तो उसमें पांच भैंस और एक पाड़ी को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ पाया। मवेशियों की स्थिति देखकर पुलिस ने तत्काल उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और वाहन को जब्त कर लिया।
भाग रही आर्टिगा कार का पीछा कर पुलिस ने उसे भी रोक लिया, लेकिन उसमें सवार लोग वाहन छोड़कर फरार हो गए। दोनों वाहनों को जब्त कर पुलिस ने मवेशियों को सुरक्षित कब्जे में लिया और मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
झारखंड में छिपे थे आरोपी
विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मामले के फरार आरोपी झारखंड के बरवाडीह क्षेत्र में छिपकर रह रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित कर झारखंड रवाना किया गया।
20 जुलाई 2026 को पुलिस टीम ने बरवाडीह पहुंचकर बताए गए ठिकाने पर दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने मवेशी तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
न्यायालय में किया गया पेश
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को विधिवत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मवेशी तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अवैध मवेशी परिवहन और पशु क्रूरता के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
