जंतर-मंतर पर फिर जुटे प्रदर्शनकारी, सरकार से बातचीत से किया इनकार
हिंसा के बाद पुलिस सतर्क, 70 हिरासत में; CCTV फुटेज से उपद्रवियों की पहचान जारी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए हंगामे और पुलिस कार्रवाई के बाद एक बार फिर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा शुरू हो गया है। देर रात प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। इस बीच पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने कहा कि अब सरकार के साथ किसी प्रकार की बातचीत नहीं होगी। उनका कहना था कि यदि किसी को चर्चा करनी है तो उसे जंतर-मंतर आना होगा।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जब तक युवा प्रतिनिधियों को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या उन्हें अस्पताल में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। वांगचुक ने शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय किए जाने की भी मांग उठाई।
हिंसा के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिसकर्मियों से मारपीट, पथराव और सुरक्षा बलों को लगी चोटों के संबंध में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में हिंसा की, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

118 से अधिक जवान घायल
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान हुए संघर्ष में एक आईपीएस अधिकारी सहित दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी और कुल 118 से अधिक पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के जवान घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों और अधिकारियों से मुलाकात की तथा उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति, हिंसा पर सख्ती
दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले प्रदर्शनकारियों को नहीं रोका जाएगा। हालांकि किसी भी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़ या कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन को आशंका है कि आंदोलन के अगले चरण में बड़ी संख्या में लोग राजधानी पहुंच सकते हैं, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
