13 महीने बाद रावणभाठा में चला बुलडोजर, विरोध और हंगामे के बीच हटे वर्षों पुराने अवैध कब्जे, देखें फोटो
चार घंटे तक चला निगम का अभियान, जेसीबी रोकने की कोशिश, धक्का-मुक्की के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
















भिलाई। सुपेला के रावणभाठा क्षेत्र में मंगलवार को नगर निगम भिलाई ने वर्षों से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। नेहरू नगर जोन-1 और जोन-2 की संयुक्त टीम ने दोपहर करीब 12 बजे पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ अभियान शुरू किया, जो शाम करीब 4 बजे तक लगातार चला। कार्रवाई के दौरान कई पक्के और अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए।
अभियान के दौरान विरोध भी देखने को मिला। कार्रवाई शुरू होते ही कई व्यापारी जेसीबी पर चढ़कर कार्रवाई रोकने की कोशिश करने लगे। विरोध के दौरान नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी किए जाने का आरोप भी लगा। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात पर नियंत्रण किया और एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर सुपेला थाना भेज दिया। कार्रवाई के समय जोन-1 नेहरू नगर के आयुक्त एवं उपायुक्त दिनेश कोसरिया, जोन-2 आयुक्त अमरनाथ दुबे, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक सार्वजनिक नालियों और सरकारी भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। कई दुकानदारों ने नालियों के ऊपर स्थायी और अस्थायी निर्माण कर रखा था, जबकि कुछ ने दुकानों के सामने शेड बनाकर और सामान सड़क तक फैलाकर यातायात को बाधित कर दिया था। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई थी और रोजाना जाम की स्थिति बनती थी। नालियों पर कब्जे के कारण सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी।
निगम का कहना है कि प्रभावित व्यापारियों को कार्रवाई से पहले कई बार नोटिस देकर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था। इसके बावजूद अधिकांश लोगों ने आदेशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।
13 महीने तक टलती रही कार्रवाई, चौथे नोटिस के बाद दिखी सख्ती
रावणभाठा में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पिछले वर्ष ही शुरू हो गई थी। नगर निगम ने 7 मई 2025, 20 मई 2025 और 30 मई 2025 को लगातार तीन नोटिस जारी कर कब्जाधारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद करीब 13 महीने तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से कई अतिक्रमणकारियों को भरोसा हो गया था कि इस बार भी मामला टल जाएगा। आखिरकार 8 जुलाई 2026 को चौथा और अंतिम नोटिस जारी किया गया। नोटिस में स्पष्ट कर दिया गया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कब्जा नहीं हटाने पर निगम स्वयं कार्रवाई करेगा। तय समय बीतने के बाद मंगलवार को बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
हर बार विरोध के बाद लौट जाती थी टीम, इस बार नहीं बदला फैसला
कार्रवाई से पहले कुछ व्यापारियों ने सोमवार रात को ही अपने शेड और अस्थायी निर्माण हटाने शुरू कर दिए थे। वहीं कई लोगों को उम्मीद थी कि पहले की तरह विरोध प्रदर्शन के बाद निगम की टीम वापस लौट जाएगी। लेकिन इस बार प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा। कार्रवाई शुरू होते ही विरोध बढ़ा, कुछ लोग जेसीबी के सामने खड़े हो गए और कुछ मशीन पर चढ़ गए। कई व्यापारियों ने अतिरिक्त समय देने की मांग भी की, लेकिन अधिकारियों ने साफ कहा कि सभी को पहले ही कई अवसर दिए जा चुके हैं और अब कार्रवाई नहीं रोकी जाएगी।
सड़क पर फैल गया था कारोबार, हर दिन लगता था जाम
इंदिरा नगर चौक से नेहरू भवन और आगे जीई रोड तक कई दुकानदारों ने दुकानों के सामने शेड बनाकर और सामान सड़क तक फैला रखा था। इससे सड़क की चौड़ाई लगातार कम होती चली गई। व्यस्त समय में इस मार्ग पर रोजाना जाम लगता था, जिससे आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती थी। कई स्थानों पर नालियों के ऊपर भी स्थायी और अस्थायी निर्माण कर लिए गए थे। इससे बारिश के दौरान जल निकासी बाधित होती थी और सफाई कर्मचारियों को नालियों की सफाई करने में भी कठिनाई होती थी। नगर निगम का कहना है कि अतिक्रमण हटने के बाद सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी, यातायात सुगम होगा और सफाई व्यवस्था में भी सुधार आएगा।
