कवर्धा के मुख्य बाजार में भीषण आग, तीन मंजिला कपड़ा दुकान जलकर खाक

रात में बंद दुकान से उठीं आग की लपटें, लाखों का सामान राख; शॉर्ट सर्किट की आशंका

कवर्धा के मुख्य बाजार में भीषण आग, तीन मंजिला कपड़ा दुकान जलकर खाक

कवर्धा। शहर के मुख्य बाजार में सोमवार रात एक बड़ी अग्निकांड की घटना सामने आई। एक कपड़ा दुकान में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी तीन मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी दुकान के भीतर रखा सामान बाहर निकालने का मौका नहीं मिला। कुछ ही देर में पूरा प्रतिष्ठान आग की लपटों में घिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने दुकान संचालक, पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

सूचना पर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के जवानों ने घंटों मशक्कत कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तीन मंजिला दुकान पूरी तरह जल चुकी थी। आग की वजह से दुकान में रखा कपड़ा, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री राख में तब्दील हो गई। दुकान संचालक नदीम अंसारी ने बताया कि वह रोज की तरह रात करीब साढ़े नौ बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। कुछ देर बाद लोगों के फोन आने लगे कि उनकी दुकान से धुआं और आग की लपटें निकल रही हैं। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जब शटर खोला गया तब तक आग पूरे प्रतिष्ठान में फैल चुकी थी और तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गई थी।

घटना के बाद बाजार क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास की दुकानों को भी खाली कराया गया ताकि आग अन्य प्रतिष्ठानों तक न फैल सके। हालांकि समय रहते फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और बड़ा नुकसान होने से बचा लिया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में व्यापारी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है तथा आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।