576 नशीले कैप्सूल बेचने वाले तस्कर को 8 साल की सजा, उत्कृष्ट विवेचना पर सउनि. संतोषी नेताम होंगी सम्मानित
एनडीपीएस एक्ट के मामले में अदालत का कड़ा फैसला, ₹30 हजार अर्थदंड भी लगाया

धमतरी। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ धमतरी पुलिस को एक बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में न्यायालय ने नशीले कैप्सूल बेचने के आरोपी को आठ वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले को नशे के कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है।
यह मामला कुरूद थाना क्षेत्र का है। 17 जून 2023 को पुलिस को सूचना मिली थी कि चरमुड़िया पुल स्थित संगवारी ढाबा के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से नशीले कैप्सूल बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर दबिश देकर रिसाईपारा निवासी शेख फिरोज उर्फ फिज्जू को गिरफ्तार किया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 72 पत्तों में कुल 576 नशीले कैप्सूल और बिक्री की 210 रुपये की नकदी बरामद हुई। जब्त सामग्री की कुल कीमत 4,332 रुपये आंकी गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान धमतरी पुलिस द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक विवेचना, मजबूत साक्ष्य और प्रभावी अनुसंधान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आठ वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने इस सफलता का श्रेय गुणवत्तापूर्ण विवेचना को दिया। उन्होंने बताया कि मामले की तत्कालीन विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक संतोषी नेताम ने सूक्ष्म और पेशेवर तरीके से जांच कर मजबूत साक्ष्य जुटाए, जिसके चलते न्यायालय से दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी।
उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक ने उप निरीक्षक संतोषी नेताम को 500 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित अनुसंधान करने वाले पुलिस अधिकारियों को इसी तरह प्रोत्साहित किया जाएगा।
