अवैध अफीम की खेती पर बड़ी कार्रवाई, 14 लाख पौधे किए गए नष्ट, कीमत करीब 8 करोड़, भाजपा नेता सहित 3 पकड़े गए



भिलाई। दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध अफीम की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान करीब 14 लाख अफीम के पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक इस अवैध खेती की कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई है।

बताया गया कि इस पूरे मामले का खुलासा होली से एक दिन पहले 3 मार्च को हुआ। गांव के कुछ बच्चे खेत के पास पहुंचे थे, जहां उन्होंने संदिग्ध पौधों की तस्वीरें मोबाइल से खींच लीं। बाद में उन्होंने ये तस्वीरें ग्रामीणों को दिखाईं। ग्रामीणों ने गूगल के जरिए पौधों की पहचान की, जिससे पुष्टि हुई कि ये अफीम के पौधे हैं। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने ने कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं एक अन्य आरोपी अचला दास फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

जांच में सामने आया कि जिन खेतों में यह अवैध खेती हो रही थी, सरकारी रिकॉर्ड में वहां मक्का की खेती दर्ज थी। मौके पर मक्का के पौधों के बीच अफीम उगाई गई थी और खेतों में बड़ी मात्रा में गाजर घास लगाई गई थी, ताकि दूर से देखने पर अफीम की खेती का पता न चल सके। कार्रवाई के दौरान शुरुआत में पुलिस जवानों ने अफीम के पौधों को हाथों से उखाड़ने की कोशिश की, लेकिन पौधों की संख्या अधिक होने के कारण प्रशासन ने करीब 50 महिला श्रमिकों को बुलाया। बाद में जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से पूरे खेत को साफ कर अफीम के पौधों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।