पीएनबी बैंक फ्रॉड में तीन और आरोपी गिरफ्तार, 30.67 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा

फर्जी केवाईसी, निष्क्रिय खातों को सक्रिय कर की गई लाखों की हेराफेरी; नारायणपुर पुलिस ने गिरोह पर कसा शिकंजा

पीएनबी बैंक फ्रॉड में तीन और आरोपी गिरफ्तार, 30.67 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा

नारायणपुर। पंजाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर में हुए 30.67 लाख रुपये के चर्चित बैंक धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार बैंक की आंतरिक ऑडिट और विशेष जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया कि बैंक कर्मचारी, रिकवरी एजेंट और बीसी सेंटर संचालकों ने मिलकर निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय किया और खाताधारकों की जानकारी के बिना फर्जी केवाईसी, आधार लिंकिंग तथा कूटरचित दस्तावेजों के जरिए खातों से रकम निकाल ली।

पुलिस के अनुसार अगस्त 2024 से शुरू हुई इस साजिश के तहत कई खातों से फर्जी लेनदेन कर लाखों रुपये की हेराफेरी की गई। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी व्यक्तियों को बीसी सेंटरों तक ले जाकर खातों से रकम निकाली गई और धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया गया। प्रकरण में थाना नारायणपुर में अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है। मामले की शुरुआत पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और बैंक की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर हुई थी। जांच के दौरान बैंक दस्तावेज, खातों से जुड़े रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।

पुलिस ने जांच के दौरान अशोक जैन, सुनैना समुंद और रामकरण साहू को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इससे पहले आरोपी तिलकराम मंडावी और गोपाल सिंह समुंद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। नारायणपुर पुलिस का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन की गहन जांच जारी है। प्रकरण में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।