रेल मंडल में CBI की बड़ी कार्रवाई, रेलवे अधिकारी के सरकारी आवास से पिस्टल, मैगजीन और कारतूस बरामद
समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय में CBI की बड़ी कार्रवाई के दौरान सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (APO) अरुण मंडल के सरकारी आवास से पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद होने की सूचना है। मामले में जांच जारी है।

समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय में गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई ने पूरे रेलवे महकमे में हड़कंप मचा दिया। करीब आठ घंटे तक चली लंबी पूछताछ के बाद CBI ने सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी (APO) अरुण मंडल के सरकारी आवास की तलाशी ली, जहां से एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद होने की सूचना है।
हथियार मिलने के बाद CBI ने नगर थाना में आवेदन देकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कराई है। हालांकि एजेंसी ने अब तक इस कार्रवाई के कारणों या बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
दोपहर में अचानक पहुंची CBI टीम
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे CBI की चार सदस्यीय टीम अचानक समस्तीपुर DRM कार्यालय के कार्मिक विभाग पहुंची। टीम ने सबसे पहले APO अरुण मंडल को पूछताछ के लिए अपने साथ लिया। कुछ ही देर बाद वरिष्ठ लिपिक (हेड क्लर्क) अमृत राज को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया।
दोनों अधिकारियों से रेलवे अधिकारी क्लब के एक कमरे में अलग-अलग करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान विभागीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों का मिलान किया गया तथा कई बिंदुओं पर विस्तृत सवाल-जवाब किए गए।
सरकारी आवास की तलाशी में मिला हथियार
पूछताछ पूरी होने के बाद CBI टीम ने APO अरुण मंडल के सरकारी आवास पर तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के मुताबिक तलाशी के दौरान एक पिस्टल, दो मैगजीन और नौ कारतूस बरामद हुए। हथियार मिलने के बाद CBI ने नगर थाना में आवेदन देकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
इसके अलावा जांच एजेंसी ने कार्मिक विभाग से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
रेलवे महकमे में मचा हड़कंप
CBI की कार्रवाई और सरकारी आवास से हथियार बरामद होने की खबर फैलते ही पूरे समस्तीपुर रेल मंडल कार्यालय में अफरातफरी का माहौल बन गया। अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन कार्रवाई को लेकर चर्चा करते रहे।
फिलहाल CBI ने मामले के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जांच किस मामले से जुड़ी है और हथियार बरामद होने का इस जांच से क्या संबंध है। एजेंसी की आगे की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
