छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र की संयुक्त रणनीति, नारायणपुर में नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र की संयुक्त रणनीति, नारायणपुर में नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को नारायणपुर में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते हुए संयुक्त रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (नक्सल विरोधी अभियान) छत्तीसगढ़ विवेकानंद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्पेशल ऑप्स महाराष्ट्र डॉ. छेरिंग दोरजे, संयुक्त निदेशक इंटेलिजेंस ब्यूरो तथा विशेष पुलिस महानिरीक्षक नागपुर रेंज संदीप पाटिल शामिल हुए। वहीं नारायणपुर में आयोजित बैठक में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज बी.एन. मीणा, गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राकेचा, नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक उमेश गुप्ता सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संयुक्त नक्सल विरोधी अभियानों, खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने सीमावर्ती इलाकों में सतत निगरानी, समन्वित कार्रवाई और प्रभावी रणनीति के जरिए वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियान को और तेज करने पर जोर दिया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल, निर्धारित सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन, पेशेवर कार्यशैली और उपलब्ध खुफिया सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनसहयोग और मजबूत खुफिया तंत्र के माध्यम से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

बैठक के अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को तय कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, अंतर्राज्यीय समन्वय बनाए रखने और संयुक्त प्रयासों से नक्सल विरोधी अभियानों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।