बिहार बंद का असर शुरू, गया में छात्र संगठनों का प्रदर्शन; केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर आज बिहार बंद है। वामदलों और महागठबंधन के समर्थन से कई जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। गया में छात्र सड़क पर उतर रहे हैं, जबकि पटना में 19 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

बिहार बंद का असर शुरू, गया में छात्र संगठनों का प्रदर्शन; केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

पटना। NEET पेपर लीक मामले, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को बिहार बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। वामपंथी छात्र संगठनों के आह्वान पर बुलाए गए इस बंद को पहले वामदलों और बाद में महागठबंधन के प्रमुख दलों ने समर्थन दिया है। इसके चलते सुबह से ही राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है।

गया जिले में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) के कार्यकर्ता सुबह से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NEET पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की है।

गया में पुलिस हाई अलर्ट पर

प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गया शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सुबह 10 बजे के बाद छात्र संगठनों के बड़े प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

पटना में एक दिन पहले हुई कार्रवाई

बिहार बंद से पहले गुरुवार शाम पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाकपा (माले) के विधायक संदीप सौरभ, AISA के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय सहित 19 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। पुलिस ने विधायक संदीप सौरभ को वीरचंद पटेल पथ स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। इसके अलावा पटना पुलिस ने छात्रावासों में भी छापेमारी की।

पटना के जिला प्रशासन ने साफ किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिंसक प्रदर्शन के बाद बंद का आह्वान

बुधवार को पटना में AISA के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों से मारपीट की घटनाएं भी सामने आई थीं। इसी घटनाक्रम के बाद शुक्रवार को बिहार बंद का आह्वान किया गया।

महागठबंधन का भी समर्थन

इस बिहार बंद को वामदलों के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) सहित महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों का भी समर्थन मिला है। राजनीतिक समर्थन मिलने के कारण कई जिलों में बंद का असर और प्रदर्शन तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। पुलिस और जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, बंद के कारण दिनभर कई स्थानों पर यातायात और सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।