फर्जी सिम जारी कर लाखों की ठगी का खेल, आधार और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग करने वाली महिला गिरफ्तार

भिलाई। साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रही दुर्ग पुलिस ने आधार कार्ड, लाइव फोटो और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से सिम जारी करने वाले गिरोह के एक मामले का खुलासा किया है। भिलाई नगर थाना पुलिस ने इस मामले में 22 वर्षीय महिला आरोपी निशा सैंड को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने नया मोबाइल सिम लेने के लिए अपने आधार कार्ड, लाइव फोटो और बायोमेट्रिक की प्रक्रिया पूरी कराई थी। सिम विक्रेता ने तकनीकी समस्या का हवाला देते हुए सिम जारी नहीं होने की बात कही। बाद में साइबर जांच में पता चला कि उसी व्यक्ति के नाम पर एयरटेल का एक सिम सक्रिय कर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग किया जा रहा था। शिकायत के आधार पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 148/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 419 और 420 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। विवेचना में सामने आया कि सिम जारी करने की प्रक्रिया के दौरान प्राप्त आधार कार्ड, लाइव फोटो और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर प्रार्थी की जानकारी और सहमति के बिना उसके नाम से सिम सक्रिय किया गया और उसे किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया गया।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी निशा सैंड (22 वर्ष), निवासी खुर्सीपार, जिला दुर्ग को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया। पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जी सिम का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सिम कार्ड बनवाते समय अपने आधार कार्ड, बायोमेट्रिक और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज केवल अधिकृत विक्रेता को ही उपलब्ध कराएं। यदि सिम जारी नहीं होता है तो उसकी स्थिति की पुष्टि अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।
