मनरेगा से दुर्ग जिले की 300 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य शुरू, 62 हजार से अधिक श्रमिकों को मिला रोजगार

दुर्ग। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत दुर्ग जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों के माध्यम से 62 हजार 683 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिले में वर्तमान में 3923 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों से ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिलने के साथ-साथ जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना विकास को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक मनरेगा के तहत 21 लाख 45 हजार 386 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। वहीं 2093 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार तथा 600 दिव्यांग परिवारों को भी रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे के निर्देशन में सभी ग्राम पंचायतों में जॉब कार्डधारी श्रमिकों को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मजदूरी भुगतान को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।
जनपद पंचायतवार आंकड़ों के अनुसार दुर्ग जनपद में 1048 कार्यों में 18 हजार 256 श्रमिक, धमधा जनपद में 1687 कार्यों में 17 हजार 785 श्रमिक तथा पाटन जनपद में 1188 कार्यों में 28 हजार 644 श्रमिक कार्यरत हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत सरोवर, नए तालाबों का निर्माण, तालाब गहरीकरण, आजीविका डबरी, वाटर हार्वेस्टिंग टैंक और सिंचाई नाली निर्माण जैसे कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। इनसे जल संरक्षण के साथ कृषि उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
जिले में अब तक 33 करोड़ 91 लाख 90 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। वर्ष 2026-27 के लिए जिले में 581 नए निर्माण कार्यों हेतु 46 करोड़ 77 लाख 65 हजार रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
