धमतरी में POCSO केस में सख्त फैसला, आरोपी को 20 साल की सजा

धमतरी में POCSO केस में सख्त फैसला, आरोपी को 20 साल की सजा

धमतरी। नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना और पुख्ता साक्ष्यों के चलते संभव हो सका।

मामला थाना सिहावा में दर्ज अपराध क्रमांक 28/2025 से जुड़ा है। इस केस में आरोपी बिरेंद्र मरकाम (22 वर्ष), निवासी नवरंगपुर (ओडिशा) को दोषी पाया गया। न्यायालय ने उसे 20 साल के सश्रम कारावास के साथ 3000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

यह प्रकरण पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान मजबूत तरीके से न्यायालय में प्रस्तुत किए।

विवेचना अधिकारी सउनि. दुलाल नाथ और सिहावा पुलिस टीम ने इस केस में गंभीरता और पेशेवर दक्षता के साथ काम किया। इसी का परिणाम रहा कि आरोपी को दोषी ठहराते हुए न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा विवेचना अधिकारी को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की गई है, ताकि अन्य पुलिसकर्मियों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरणा मिल सके। गौरतलब है कि वर्ष 2026 में यह चौथा मामला है, जिसमें धमतरी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपियों को 20-20 वर्ष की सजा दिलाई है। इससे पहले भी तीन मामलों में पुलिस को इसी तरह की सफलता मिल चुकी है।