डायल-112 की तत्परता से बचीं कई जिंदगियां, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित
सड़क हादसों में घायलों को पहुंचाया अस्पताल, आत्महत्या का प्रयास कर रहे लोगों को बचाया; एसएसपी ने प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार देकर बढ़ाया हौसला

दुर्ग। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए डायल-112 दुर्ग की टीम ने कई लोगों की जान बचाई है। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने से लेकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे लोगों को सुरक्षित बचाने तक, डायल-112 के जवानों ने जनसेवा और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके सराहनीय कार्यों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा संबंधित कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

जानकारी के अनुसार 27 मई 2026 को ग्राम फुंडा चौक के पास हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना मिलते ही डायल-112 पाटन चीता-1 के आरक्षक दीपक मानिकपुरी और चालक नीरज वर्मा मौके पर पहुंचे तथा घायलों को तत्काल शासकीय अस्पताल पाटन पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया। इसी तरह 8 जून 2026 को ग्राम मर्रा और सोरम के बीच हुए सड़क हादसे में घायल योगेश बंजारे और हेमंत मरकाम को डायल-112 उतई चीता-2 के आरक्षक लोकेश परिहार और चालक रघुवीर दयाल ने सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। वहीं उसी रात सड़क दुर्घटना में घायल एक अन्य व्यक्ति को डायल-112 मोहन नगर चीता-1 के आरक्षक रमेश जायसवाल और चालक समीर कुमार ने जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचाकर भर्ती कराया तथा उसके परिजनों को सूचना दी।

डायल-112 टीम ने केवल दुर्घटनाओं में ही नहीं बल्कि आत्महत्या की घटनाओं को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 10 जून को ग्राम डिमर के एक युवक द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की सूचना पर पाटन चीता-1 के आरक्षक नीलकमल गायकवाड़ और चालक नीरज वर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे तथा युवक को सुरक्षित बचाकर समझाइश दी। इसके अगले दिन 11 जून को पति-पत्नी विवाद के बाद एक व्यक्ति द्वारा फांसी लगाने के प्रयास की सूचना मिलने पर सुपेला चीता-2 के आरक्षक दुर्गेश राजपूत और चालक ऋषभ सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे। टीम ने कमरे का दरवाजा खोलकर फांसी पर लटके व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतारा और उसकी जान बचाई। डायल-112 कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शित सतर्कता, तत्परता और जनसेवा की भावना को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसी संवेदनशील और त्वरित कार्यवाही आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करती है।
सराहनीय भूमिका :
1. आरक्षक लोकेश परिहार (क्रमांक 939) - सड़क दुर्घटना में घायल दो व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया।
2. चालक रघुवीर दयाल - दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
3. आरक्षक नीलकमल गायकवाड़ (क्रमांक 674) - आत्महत्या का प्रयास कर रहे युवक को त्वरित हस्तक्षेप कर सुरक्षित बचाया।
4. चालक नीरज वर्मा - आत्मघाती कदम उठाने वाले युवक को बचाने एवं सड़क दुर्घटना के घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
5. आरक्षक दुर्गेश राजपूत (क्रमांक 761) - फांसी पर लटके व्यक्ति को तत्काल सुरक्षित नीचे उतारकर उसका जीवन बचाया।
6. चालक ऋषभ सिंह - आत्महत्या प्रयास की घटना में त्वरित सहायता प्रदान कर व्यक्ति को सुरक्षित बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
7. आरक्षक दीपक मानिकपुरी (क्रमांक 1498) - सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया।
8. आरक्षक रमेश जायसवाल (क्रमांक 952) - सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
9. चालक समीर कुमार - घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने एवं परिजनों को सूचना देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
