निकुम में दुर्गा महायज्ञ का दूसरा दिन: पूर्णाहुति में उमड़ी श्रद्धा, संत श्री माता जी ने बताया हवन का महत्व






दुर्ग। जिले के निकुम स्थित तीर्थराज देवी निकुंभला मंदिर, जय शक्ति आश्रम में चैत नवरात्रि के अवसर पर चल रहे दुर्गा महायज्ञ में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। आयोजन के दूसरे दिन शुक्रवार को हवन की पूर्णाहुति में शामिल होने दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान संस्थापक संत श्री माता जी के सान्निध्य में विधि-विधान से हवन और पूजन संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ यज्ञ में आहुति देकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। वैदिक मंत्रोच्चार और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। आयोजन समिति के अनुसार, महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक नित्य आहुतियां दी जा रही हैं। इस धार्मिक आयोजन में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इस अवसर पर संत श्री माता जी ने हवन पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हवन से केवल भगवान ही प्रसन्न नहीं होते, बल्कि इससे लोगों के कष्टों का भी निवारण होता है।

उन्होंने बताया कि हवन से निकलने वाला धुआ सामान्य नहीं होता, बल्कि वह वातावरण को शुद्ध करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। महायज्ञ के साथ ही एक बड़े धार्मिक विकास का संकल्प भी जुड़ा हुआ है। संत श्री माता जी ने बताया कि आने वाले समय में यहां 4 एकड़ में मंदिर, 7 एकड़ में परकोटा और करीब 25 एकड़ में विशाल धार्मिक परिसर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1 लाख 1 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। कुल मिलाकर, निकुम का यह दुर्गा महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि भविष्य में एक भव्य आध्यात्मिक धाम के रूप में विकसित होने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
