दुर्ग में अफीम की अवैध खेती पर बड़ा एक्शन, कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू निलंबित
समोदा गांव में मक्के की फसल बताकर छिपाई जा रही थी अफीम की खेती, जांच में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा

दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया है।

यह कार्रवाई समोदा गांव में सामने आए उस मामले के बाद हुई, जिसमें अफीम की फसल को लगातार मक्के की फसल बताकर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने पहले कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू, फसल सर्वेयर शशिकांत साहू और ग्राम समोदा की पटवारी अनिता साहू को सात दिन के भीतर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

जांच के दौरान कृषि विभाग के स्तर पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि किसान विमल ताम्रकार के खेत को कृषि विस्तार अधिकारी ने मक्का फसल का प्रदर्शन प्लॉट बताया था, जबकि उस खेत में वास्तव में धान की खेती हो रही थी।
इससे यह संकेत मिला कि अधिकारियों ने शासन को गुमराह करते हुए खेत का स्थान बदलकर रिपोर्ट तैयार की। प्रदर्शन प्लॉट के नाम पर राज्य शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी जारी कर दी गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि नियमों के अनुसार जिस किसान को सरकारी लाभ मिलता है, उसी के साथ खेत की फोटो ली जानी चाहिए। लेकिन यहां धान के खेत के पास मक्के की फसल दिखाकर किसी दूसरे किसान के साथ फोटो लेकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस खेत की मक्का की फोटो अपलोड की गई थी, उसके ठीक पीछे अफीम की अवैध खेती की जा रही थी।
फसलों के सर्वे के लिए नियुक्त फसल सर्वेयर शशिकांत साहू ने सितंबर 2025 में खेत का डिजिटल सर्वे किया था। उसने फोटो गिरदावरी सॉफ्टवेयर में खसरा नंबर 309 को पड़ती भूमि और खसरा नंबर 310 में धान की फसल दर्ज की थी। लेकिन जांच में पता चला कि इन दोनों खसरा नंबरों पर वास्तव में अफीम की खेती हो रही थी।
मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और इस पूरे मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है।