अफीम खेती केस में बड़ा खुलासा, बीज देने वाला चौथा आरोपी जोधपुर से पकड़ा गया

दुर्ग। जिले में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलगांव थाना क्षेत्र के समोदा–झेनझरी के बीच खेत में पकड़ी गई करोड़ों रुपये की अफीम खेती मामले में चौथे आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी छोटू राम (62 वर्ष) निवासी सांगसी नगर धड़िया, थाना चामू, जिला जोधपुर को संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अवैध अफीम की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराए थे।

दरअसल कुछ समय पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम समोदा, झेनझरी और सिरसा के बीच स्थित खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। खेत का निरीक्षण करने पर पता चला कि मक्का और भुट्टे की फसल के बीच-बीच में अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि खेती को छिपाया जा सके। पुलिस और संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन में लगी अफीम की फसल को जब्त किया। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें विकास बिश्नोई निवासी मतोड़ा जिला जोधपुर (राजस्थान), विनायक ताम्रकार निवासी तेमरापारा दुर्ग और मनीष उर्फ गोलू ठाकुर निवासी समोदा शामिल हैं।

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि अवैध अफीम की खेती के लिए बीज राजस्थान से मंगाए गए थे और इसमें छोटू राम की अहम भूमिका थी। इसके बाद ACCU दुर्ग, थाना पुलगांव और चौकी जेवरा–सिरसा की संयुक्त टीम ने राजस्थान में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 2220 रुपये नकद और एक स्मार्टफोन मोबाइल भी जब्त किया है। वहीं इस मामले में पहले की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने खेती में इस्तेमाल किए जा रहे 2 ट्रैक्टर, 2 जेसीबी, 2 मोटरसाइकिल और 1 हार्वेस्टर समेत अन्य उपकरण भी जब्त किए थे, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।