शौर्य चक्र से सम्मानित दो पुलिस अधिकारियों का दुर्ग में नागरिक अभिनंदन

नक्सल विरोधी अभियानों में वीरता दिखाने वाले निरीक्षक लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख का सम्मान, एसपी बोले- युवा पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत

शौर्य चक्र से सम्मानित दो पुलिस अधिकारियों का दुर्ग में नागरिक अभिनंदन

दुर्ग। पुलिस लाइन सभागार में सोमवार को शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख का नागरिक अभिनंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में दोनों अधिकारियों के साहस, वीरता और नक्सल विरोधी अभियानों में दिए गए उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक और पुलिस परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह में बताया गया कि निरीक्षक लक्ष्मण केवट वर्तमान में कांकेर जिले के पखांजूर थाना प्रभारी हैं। उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में 40 सफल मुठभेड़ों में भागीदारी निभाई है और 97 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें शौर्य चक्र सहित कई वीरता पदकों से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख वर्तमान में भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 25 सफल नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है तथा 58 नक्सलियों के शव बरामद करने में योगदान दिया है। उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें भी शौर्य चक्र एवं अन्य प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। 

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि शौर्य चक्र प्राप्त करना किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए गर्व का विषय है। निरीक्षक लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख ने विषम परिस्थितियों में कार्य करते हुए अदम्य साहस, धैर्य और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस संगठन और दुर्ग जिले के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों की कार्यशैली युवा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है तथा यह संदेश देती है कि समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से किया गया कार्य हमेशा सम्मान प्राप्त करता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दोनों अधिकारियों के अनुभवों को सुना और उनके साहसिक सेवाकाल के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

निरीक्षक लक्ष्मण केवट का जीवन परिचय :

निरीक्षक लक्ष्मण केवट का जन्म 01 जुलाई 1986 को मनेन्द्रगढ़ में हुआ। उन्होंने 12 अप्रैल 2007 को जिला सूरजपुर में आरक्षक के पद पर पुलिस सेवा प्रारंभ की। अगस्त 2012 में उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत होकर जिला बीजापुर में पदस्थ हुए तथा नवंबर 2014 में निरीक्षक पद पर पदोन्नति प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 तक बीजापुर, वर्ष 2017 से 2022 तक राजनांदगांव तथा वर्ष 2022 से वर्तमान तक जिला कांकेर में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वे थाना प्रभारी पखांजूर के पद पर कार्यरत हैं। नक्सल विरोधी अभियानों में उन्होंने 40 सफल मुठभेड़ों में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा विभिन्न अभियानों में 97 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके उत्कृष्ट एवं साहसिक योगदान के लिए उन्हें 01 शौर्य चक्र, 06 पुलिस वीरता पदक, 01 केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक, 03 सीआरपीएफ महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क, 01 बीएसएफ महानिदेशक कमेंडेशन रोल एवं 01 आउट ऑफ टर्न पूर्ण पदोन्नति से सम्मानित किया जा चुका है।

निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख का जीवन परिचय :

निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख का जन्म 01 अप्रैल 1986 को हुआ तथा उनका गृह ग्राम झोला, जिला दुर्ग है। उन्होंने 18 जून 2007 को जिला दंतेवाड़ा में आरक्षक के पद पर पुलिस सेवा प्रारंभ की। अगस्त 2012 में उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति प्राप्त कर जिला बीजापुर में पदस्थ हुए तथा जुलाई 2015 में निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। उन्होंने वर्ष 2012 से 2018 तक बीजापुर, वर्ष 2018 से 2022 तक राजनांदगांव तथा वर्ष 2022 से वर्तमान तक जिला कांकेर में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। वर्तमान में वे थाना प्रभारी भानुप्रतापपुर के पद पर पदस्थ हैं। नक्सल विरोधी अभियानों में उन्होंने 25 सफल मुठभेड़ों में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा विभिन्न अभियानों में 58 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी वीरता एवं उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें 01 शौर्य चक्र, 02 पुलिस वीरता पदक, 01 केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक तथा 01 आउट ऑफ टर्न पदोन्नति से सम्मानित किया जा चुका है।