कोटक महिंद्रा बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर, 15 आरोपी गिरफ्तार
मोहन नगर थाना पुलिस ने की कार्रवाई

दुर्ग। साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने वाले 15 आरोपियों को मोहन नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम के लेन-देन के लिए उपलब्ध कराने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों और अन्य सूचनाओं के आधार पर थाना मोहन नगर क्षेत्र में संचालित कोटक महिंद्रा बैंक के विभिन्न खातों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि कई बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि जमा की गई थी और खाताधारकों द्वारा उन राशियों का विभिन्न माध्यमों से लेन-देन किया जा रहा था।
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि खाताधारकों ने स्वयं अथवा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने और अवैध आर्थिक लाभ कमाने के लिए किया। ऐसे खातों को साइबर अपराध की भाषा में "म्यूल अकाउंट" कहा जाता है, जिनका उपयोग ठगी की रकम को छिपाने और आगे पहुंचाने के लिए किया जाता है।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 329/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 317(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दुर्ग, भिलाई, रिसाली और जामुल क्षेत्र के युवक-युवतियां एवं अन्य व्यक्ति शामिल हैं। जांच में वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों में हुए संदिग्ध ट्रांजेक्शन और धन हस्तांतरण के साक्ष्य मिले हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रकरण से संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं बैंकिंग अभिलेख जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर अपराधी अक्सर लोगों को कमीशन या आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेते हैं या उपयोग करते हैं। ऐसे खातों के माध्यम से ठगी की रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर किया जाता है, जिससे मूल अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता है। इस मामले में भी आरोपियों द्वारा अपने खातों का उपयोग इसी प्रकार के अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किए जाने के प्रमाण मिले हैं।
उक्त कार्रवाई में थाना मोहन नगर पुलिस, साइबर सेल तथा विवेचना अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग दस्तावेजों की जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
आरोपी का नाम :
1. पीयूष डडसेना, उम्र 19 वर्ष, निवासी आदित्य नगर, दुर्ग।
2. साहिल खान, उम्र 23 वर्ष, निवासी ऋषभ साउथ सिटी, पोटिया, दुर्ग।
3. खुशी झा, उम्र 21 वर्ष, निवासी बांबे आवास, वैशाली नगर, भिलाई।
4. मोहम्मद फरान, उम्र 22 वर्ष, निवासी अयप्पा नगर, भिलाई।
5. अभिजीत कुमार, उम्र 25 वर्ष, निवासी सेक्टर-05, भिलाई।
6. आदित्य रजक, उम्र 21 वर्ष, निवासी शक्ति विहार, रिसाली।
7. आशीष चंद्राकर, उम्र 30 वर्ष, निवासी मीनाक्षी नगर, दुर्ग।
8. निखिल साहू, उम्र 19 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती, कुरूद, जामुल।
9. रितेश मसीह, उम्र 19 वर्ष, निवासी विश्व बैंक कॉलोनी, भिलाई-03।
10. मो. सोहेल, उम्र 24 वर्ष, निवासी जलेबी चौक, भिलाई।
11. निकिता चौहान, उम्र 23 वर्ष, निवासी शास्त्री नगर, सुपेला, भिलाई।
12. शुभा सेंगर, उम्र 38 वर्ष, निवासी हुडको, भिलाई।
13. शिवम पांडेय, उम्र 27 वर्ष, निवासी 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड, भिलाई।
14. रितेश देवांगन, उम्र 21 वर्ष, निवासी शिवाजी नगर, कोहका।
15. रणधीर झा, उम्र 52 वर्ष, निवासी बांबे आवास, वैशाली नगर, भिलाई।
