डिलीवरी के नाम पर वसूली और लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, दो स्टाफ नर्सों की दो-दो वेतन वृद्धियां रोकी गईं

डिलीवरी के नाम पर वसूली और लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, दो स्टाफ नर्सों की दो-दो वेतन वृद्धियां रोकी गईं

दुर्ग। स्वास्थ्य विभाग ने प्रसव सेवाओं के दौरान अनियमितता और लापरवाही बरतने वाली दो स्टाफ नर्सों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोनों नर्सों की आगामी दो वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोक दी गई हैं।

पहला मामला विकासखंड निकुम के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हनोदा का है। यहां पदस्थ स्टाफ नर्स अनीता साहू पर प्रसव कार्य के एवज में राशि लेने का आरोप लगा था। शिकायत मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) दुर्ग द्वारा कराई गई जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद सीएमएचओ ने 2 जून 2026 को संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर संभाग को अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव और जांच रिपोर्ट के आधार पर सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनीता साहू की आगामी दो वार्षिक वेतन वृद्धियां तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया गया।

वहीं दूसरे मामले में जिला चिकित्सालय दुर्ग में पदस्थ स्टाफ नर्स मोनिका पटेल के खिलाफ कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पचरीपारा निवासी प्रसूता राखी यादव ने नर्स पर कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर सीएमएचओ द्वारा कराई गई जांच में शिकायत सही पाई गई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर मोनिका पटेल को सेवा नियमों का उल्लंघन करने का दोषी मानते हुए संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर संभाग ने उनकी भी आगामी दो वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने की शास्ति अधिरोपित की है।