भिलाई में नकली लाइसेंस से नशीली सिरप का खेल, दवा कंपनी के नाम पर चल रहा था रैकेट, 4 गिरफ्तार
ई-कुरियर से मंगाते थे कोडीन सिरप, युवाओं को बेचकर फैला रहे थे नशा, 5 लाख का माल जब्त



दुर्ग पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दवा कंपनी के प्रतिनिधि की आड़ लेकर प्रतिबंधित नशीली सिरप की तस्करी कर रहा था। चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप, वाहन, मोबाइल और अन्य सामान सहित करीब 5 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।

यह पूरा मामला 23 अप्रैल 2026 का है, जब पुलिस को सूचना मिली कि भिलाई के जुनवानी-खम्हरिया रोड पर कुछ लोग नशीली सिरप बेचने के लिए परिवहन कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर एक सेण्ट्रो कार को रोका और तलाशी ली। जांच के दौरान कार से 7 कार्टून में भरी 800 नग प्रतिबंधित CADIFOS-T सिरप बरामद हुई। मौके पर मौजूद आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना योगेश शर्मा था, जिसने असली ड्रग लाइसेंस में एडिटिंग कर अपने नाम से फर्जी लाइसेंस तैयार किया था। इसके साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनवाकर गुजरात की कंपनी से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ई-कुरियर के जरिए नशीली सिरप मंगाई जाती थी।

इसके बाद यह सिरप स्थानीय स्तर पर ऊंचे दामों में बेची जाती थी। खास तौर पर युवाओं को टारगेट किया जाता था, जिससे इलाके में नशे की लत तेजी से फैल रही थी। मामले में उमेश कुमार यादव के साथ महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम की भी भूमिका सामने आई। सभी आरोपी इस अवैध कारोबार से मोटा मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 8(ख), 27(क) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 800 नग नशीली सिरप (कीमत 2.08 लाख रुपये), एक एक्टिवा, एक सेण्ट्रो कार, चार मोबाइल फोन और नगद रकम जब्त की है।
आरोपी का नाम : 1. योगेश शर्मा, उम्र 41 वर्ष, कादम्बरी नगर, दुर्ग। 2. उमेश कुमार यादव, उम्र 42 वर्ष, पदुमनगर, चरोदा, पुरानी भिलाई। 3. महावीर जैन उर्फ रोहित, उम्र 38 वर्ष, पोलसाय पारा, दुर्ग। 4. सतीश मेश्राम, उम्र 40 वर्ष, शंकर नगर, दुर्ग।
जब्त सामग्री : 1. प्रतिबंधित कोडीन युक्त CADIFOS-T सिरप – 800 नग कीमत 2,08,800/- रुपये। 2. एक एक्टिवा – कीमत 30,000/- रुपये। 3. एक सेण्ट्रो कार – कीमत 1,00,000/- रुपये। 4. 04 मोबाईल फोन – कीमत 1,60,000/- रुपये। 5. प्रतिबंधित सिरप बिक्री की रकम – 1,200/- रुपये। कुल जप्त मशरूका – लगभग 5,00,000/- रुपये


