बलरामपुर में 2 करोड़ की एक और अवैध अफीम खेती का खुलासा, 1.47 एकड़ खेत से 18 क्विंटल अफीम जब्त, 2 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कोरंधा थाना क्षेत्र के तुर्रीपानी गांव में पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने करीब 2 करोड़ रुपये की अफीम की अवैध खेती का खुलासा किया है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खजुरी पंचायत के तुर्रीपानी गांव में खेतों में अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस, राजस्व और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान खेतों में अफीम की फसल लगी हुई पाई गई।

कार्रवाई के दौरान खेत में मौजूद दो लोगों ने पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहादुर नगेशिया (34 वर्ष) और दुईला नगेशिया (40 वर्ष) के रूप में हुई है, जो तुर्रीपानी क्षेत्र के ही निवासी हैं।
जांच में सामने आया कि करीब 1.47 एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी। टीम ने अफीम के पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया। जब्त की गई अफीम का कुल वजन 18 क्विंटल 83 किलो 76 ग्राम निकला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एंड-टू-एंड जांच जारी है और अफीम की खेती से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने बताया कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों, खासकर झारखंड सीमा से लगे जंगलों में लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण या परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं अवैध मादक पदार्थों की खेती या गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।