सीरियल रेपिस्ट मुठभेड़ में ढेर, 4 राज्यों की पुलिस को थी तलाश, सत्तू का THE END
युवराज के साथ क्रिकेट खेला, पार्षद बना, फिर बन गया सीरियल रेपिस्ट


मुजफ्फरनगर। आर्मी में भर्ती कराने का झांसा देकर युवतियों के साथ दुष्कर्म करने के आरोपों का सामना कर रहे सतपाल उर्फ सत्तू की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार आरोपी की तलाश उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत कई राज्यों की पुलिस कर रही थी।
जानकारी के अनुसार सतपाल उर्फ सत्तू ने अपने जीवन की शुरुआत क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में की थी। बताया जाता है कि वर्ष 1996 में उसने रणजी स्तर के मुकाबलों में हिस्सा लिया था। इसके बाद वह स्थानीय राजनीति से जुड़ा और वर्ष 2007 में चंडीगढ़ नगर निगम का पार्षद भी बना। हालांकि बाद के वर्षों में वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ लूट, हत्या और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे। वह लंबे समय तक जेल में भी बंद रहा। वर्ष 2026 में उसके लुधियाना जेल से फरार होने की जानकारी सामने आई थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी युवतियों को सेना में भर्ती कराने का झांसा देता था। दस्तावेज सत्यापन के नाम पर उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म करने तथा मारपीट करने के आरोप हैं। पुलिस का दावा है कि इस तरह की कई घटनाओं में उसका नाम सामने आया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 23 जून 2026 को मुजफ्फरनगर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी अमृत जैन कर रहे थे।
- 1996 में युवराज सिंह के साथ 2 बार रणजी मैच खेला।
- 2007 में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद बना।
- 2010 में क्राइम की दुनिया में आ गया। पहली वारदात में ट्रक लूटा।
- 2011 से 2022 तक मुजफ्फरनगर (यूपी) जेल में बंद रहा।
- छोटा राजन से कॉन्टैक्ट बने, जेल में रहकर वारदातें कराईं।
- 2024 में अपनी बीवी के बॉयफ्रेंड को मार डाला।
- 2026 में लुधियाना जेल से भागा।



