शिशु वाटिका और बालिका शिक्षा को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन, 40 प्रशिक्षार्थियों ने लिया प्रशिक्षण

शिशु वाटिका और बालिका शिक्षा को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन, 40 प्रशिक्षार्थियों ने लिया प्रशिक्षण

भिलाई। कैलाश नगर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित दो दिवसीय विभाग स्तरीय शिशु वाटिका एवं बालिका शिक्षा कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। कार्यशाला का आयोजन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के दिशा-निर्देश और सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ प्रांत के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्रीमती सरोजनी पाणीग्रही सहित अतिथियों द्वारा मां सरस्वती, मां भारती एवं ॐ के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर वंदना-अर्चना के साथ हुई। मंचासीन अतिथियों का तिलक-वंदन और श्रीफल से स्वागत किया गया।

इस अवसर पर शिशु वाटिका प्रांत प्रमुख राम कुमार वर्मा ने कहा कि विद्या भारती के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अमृत महोत्सव के रूप में विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रांत में 75 विद्यालयों में 75 प्रभावी शिशु वाटिका विकसित करने के साथ करीब 7500 भैया-बहनों को 12 शैक्षिक आयामों के माध्यम से शिक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है।

दुर्ग विभाग प्रमुख हरिश्चंद्र साहू ने कार्यशाला का वृत्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विभाग के 26 विद्यालयों में से 20 विद्यालयों के 40 प्रशिक्षार्थियों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया। उन्होंने विद्यालय प्रबंध समिति और विद्यालय परिवार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में महावीर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष छबिनाथ सिंह, उपाध्यक्ष बी.के. दत्ता, व्यवस्थापक विजय चौधरी, समिति सदस्य अजय केडिया और दिनेश पुरवार, आम सभा सदस्य शंभुनाथ साह, प्राचार्य सुश्री गुंजा, श्रीमती शैल तिवारी सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

समापन अवसर पर महावीर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष छबिनाथ सिंह ने आभार व्यक्त किया। इसके बाद कल्याण मंत्र के साथ दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ।