जनदर्शन में पहुंची विधवा महिला की गुहार, पट्टे की जमीन का चिन्हांकन कर कब्जा दिलाने की मांग

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सुनी 140 आवेदनों पर समस्याएं, फोरलेन सड़क, आवास और आवारा कुत्तों की शिकायतें भी पहुंचीं

जनदर्शन में पहुंची विधवा महिला की गुहार, पट्टे की जमीन का चिन्हांकन कर कब्जा दिलाने की मांग

दुर्ग। जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनदर्शन में कुल 140 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, सीमांकन, सड़क निर्माण, आर्थिक सहायता और अन्य जनसमस्याओं से जुड़े मामले शामिल रहे। जनदर्शन में भिलाई निवासी एक विधवा महिला ने अपने नाम पर आवंटित पट्टे की जमीन का चिन्हांकन कर कब्जा दिलाने की मांग की। महिला ने बताया कि वर्ष 1998 में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत उसके और उसके दिवंगत पति के संयुक्त नाम से भू-स्वामित्व पट्टा जारी किया गया था, लेकिन आज तक जमीन का वास्तविक स्थान नहीं बताया गया। वर्तमान में परिवार बीएसपी क्वार्टर में रह रहा है और जर्जर आवासों को तोड़े जाने की कार्रवाई के कारण उनके सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तहसील नजूल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

वहीं बोरसी क्षेत्र के नागरिकों ने प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण में एक समान मानक अपनाने की मांग करते हुए आवेदन सौंपा। आवेदकों का कहना था कि महाराजा चौक से बोरसी चौक तक अधिकांश सड़क 20 मीटर चौड़ाई के मानक पर विकसित की जा रही है, जबकि एक हिस्से में 22 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित है, जिससे निजी संपत्तियां प्रभावित होंगी। कलेक्टर ने इस मामले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन में पदमनाभपुर क्षेत्र के धनोरा स्थित शकुंतला नगर के रहवासियों ने भी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मकान में लगभग 50 पालतू कुत्ते रखे गए हैं, जिन्हें अक्सर बिना निगरानी के बाहर छोड़ दिया जाता है। इससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और राहगीरों व मवेशियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं। इस मामले में कलेक्टर ने एसडीएम दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।