निकुम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, संत श्री माताजी को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

तीर्थराज देवी निकुंभला मंदिर एवं जय शक्ति आश्रम की संस्थापक संत श्री माताजी के अंतिम दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु

निकुम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, संत श्री माताजी को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के निकुम स्थित तीर्थराज देवी निकुंभला मंदिर एवं जय शक्ति आश्रम की संस्थापक पूज्य संत श्री माताजी का मंगलवार शाम निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से भक्तों और श्रद्धालुओं में शोक की लहर व्याप्त है।

बुधवार सुबह लगभग 8 बजे संत श्री माताजी की पार्थिव देह रायपुर से निकुम लाई गई। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दूर से पहुंचे सैकड़ों भक्तों ने अपने पूज्य गुरुमाता के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार से पूर्व संत श्री माताजी की पार्थिव देह को पूरे गांव में श्रद्धापूर्वक भ्रमण कराया गया। इस दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और भावुकता का वातावरण देखने को मिला। 

संत श्री माताजी ने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, सेवा, साधना और आध्यात्मिक मार्गदर्शन को समर्पित किया। उनके सान्निध्य में हजारों श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त की और जीवन में सकारात्मक दिशा पाई। उनके निधन को आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। श्रद्धालुओं ने कहा कि संत श्री माताजी भले ही भौतिक रूप से अब उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उपदेश और आशीर्वाद सदैव भक्तों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।