5 राज्यों तक फैला NEET-2026 पेपर लीक नेटवर्क

नासिक प्रिंटिंग प्रेस से निकला पेपर, गुरुग्राम से राजस्थान तक पहुंचा कनेक्शन

5 राज्यों तक फैला NEET-2026 पेपर लीक नेटवर्क

NEET-2026 पेपर लीक कांड अब केवल एक राज्य तक सीमित मामला नहीं रह गया है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में अब तक पांच राज्यों में फैले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मोटी रकम लेकर महाराष्ट्र के नासिक स्थित प्रिंटिंग प्रेस से कथित तौर पर पेपर बाहर निकाला गया और फिर इसे अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार पेपर सबसे पहले हरियाणा के गुरुग्राम नेटवर्क तक पहुंचा, जहां से इसे देशभर में फैलाया गया। आरोप है कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम और निजी संपर्कों के जरिए छात्रों तक “गेस पेपर” के नाम पर सामग्री भेजी गई। छात्रों से दावा किया जाता था कि परीक्षा में इसी सेट से सवाल आएंगे।

जांच में शुभम नाम के आरोपी की भूमिका भी सामने आई है। एजेंसियों के मुताबिक शुभम पर नासिक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर बाहर निकलवाने का आरोप है। उसके संपर्क पुणे और नासिक के कुछ लोगों से बताए जा रहे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क में मदद की। जानकारी के अनुसार शुभम ने मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित एक विश्वविद्यालय में आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया था, लेकिन वह कभी नियमित पढ़ाई करने नहीं गया।

आरोप है कि शुभम ने असली पेपर में कुछ अतिरिक्त प्रश्न जोड़कर उसे “गेस पेपर” के रूप में महाराष्ट्र और हरियाणा के नेटवर्क को बेचा। इसके बाद गुरुग्राम गैंग ने इसे आगे अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाया।

सूत्रों के मुताबिक हरियाणा से यह पेपर जयपुर ग्रामीण के जमवारामगढ़ निवासी मांगीलाल और दिनेश तक पहुंचा। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों भाइयों ने 26 और 27 अप्रैल के बीच करीब 30 लाख रुपये देकर कथित पेपर खरीदा। आरोप है कि उन्होंने पहले इसे सीकर में NEET की तैयारी कर रहे अपने बेटे तक पहुंचाया और फिर अन्य छात्रों में भी सर्कुलेट किया।

जांच में यह भी सामने आया है कि सीकर का एक छात्र, जो केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहा था, उसके पास भी कथित पेपर पहुंचा था। बाद में उसी छात्र के जरिए यह सामग्री वापस राजस्थान में कई छात्रों तक पहुंची। हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि राजस्थान इस नेटवर्क का “सोर्स पॉइंट” नहीं था, बल्कि यहां पेपर महाराष्ट्र और हरियाणा से पहुंचा था।

इस मामले में राकेश मंडावरिया का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह सीकर में काउंसलिंग और छात्र मार्गदर्शन गतिविधियों से जुड़ा था। आरोप है कि उसके पास परीक्षा से कई दिन पहले ही पेपर पहुंच गया था और उसने इसे छात्रों, पीजी संचालकों तथा कुछ कोचिंग संपर्कों तक साझा किया।

राजस्थान SOG अब तक करीब 150 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें छात्र, अभिभावक, कोचिंग से जुड़े लोग और नेटवर्क ऑपरेटर्स शामिल हैं। SOG ने मांगीलाल, दिनेश, राकेश मंडावरिया, रजत कुमार, अमित मीणा, रोहित मावालिया, विक्रम यादव, योगेश प्रजापत, संदीप हरितवाल, नितेश अजमेरा, विकास, यश यादव और सत्यनारायण चौधरी समेत 15 संदिग्धों को आगे की जांच के लिए CBI को सौंप दिया है।