तरबूज और ककड़ी के बीच अफीम की खेती, दुर्ग और बलरामपुर के बाद रायगढ़ में पकड़ाया

रायगढ़। छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती का नेटवर्क लगातार फैलता नजर आ रहा है। दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिले में भी इसका बड़ा खुलासा हुआ है।

आमाघाट क्षेत्र में नदी किनारे करीब एक एकड़ जमीन पर तरबूज और ककड़ी की फसल के बीच अफीम उगाई जा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी और अतिरिक्त एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी खुद जांच में जुटे हैं।

इस मामले में झारखंड के रहने वाले मार्शल सांगा को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक जिस जमीन पर खेती हो रही थी, वह सरकारी बताई जा रही है, हालांकि स्वामित्व की स्थिति अभी साफ नहीं है।

दुर्ग में पहले ही हो चुका है बड़ा खुलासा
दुर्ग जिले के समोदा गांव में हाल ही में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में करीब पांच एकड़ में अफीम की खेती पकड़ी गई थी। इस मामले में कृषि अधिकारी एकता साहू को निलंबित किया गया, जबकि पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया कि अफीम के बीज राजस्थान से मंगाए गए थे।
बलरामपुर में भी दो जगह कार्रवाई
बलरामपुर जिले में करोंधा थाना क्षेत्र के चंदाडांडी और कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में करीब तीन एकड़ में अफीम की खेती पकड़ी गई थी। इस मामले में दो किसानों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि झारखंड के भूपेंद्र उरांव ने पूरी खेती करवाई थी और मजदूरों की व्यवस्था भी उसी ने की थी।