दुर्ग पहुंचे डीजीपी अरुण देव गौतम, कानून-व्यवस्था और ITMS की समीक्षा, स्मार्ट पुलिसिंग पर दिया जोर

छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने रविवार को दुर्ग पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6 में दुर्ग रेंज के अंतर्गत दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों के राजपत्रित अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता, साइबर अपराधों की रोकथाम और तकनीक आधारित पुलिसिंग की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने पिछले एक वर्ष में अपराध नियंत्रण, नशे के खिलाफ विशेष अभियान, साइबर अपराधों पर कार्रवाई, सामुदायिक पुलिसिंग, महिला एवं बाल सुरक्षा और तकनीक आधारित पुलिसिंग की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया।

डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों की वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण, फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी तथा आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता बढ़ाने और डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया।
समीक्षा बैठक के बाद पुलिस महानिदेशक ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का निरीक्षण किया और सीसीटीवी आधारित निगरानी, स्मार्ट ट्रैफिक प्रवर्तन, ई-चालान प्रणाली तथा डिजिटल मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
