फर्जी बिल बुक से व्यापारियों को ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार

फर्जी बिल बुक से व्यापारियों को ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार

नारायणपुर। नारायणपुर जिले के थाना झाराघाटी पुलिस ने धोखाधड़ी के एक महत्वपूर्ण मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी बिल बुक और नकली दस्तावेजों के जरिए व्यापारियों को ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना झाराघाटी में अपराध क्रमांक 01/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान बादल सिंह (37 वर्ष), निवासी रबर फैक्ट्री रोड, राजीव गांधी वार्ड, जिला जबलपुर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है।

जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को “गुरुनानक कोल्ड ड्रिंक्स रायपुर” कंपनी का सेल्स प्रतिनिधि बताकर नारायणपुर जिले के विभिन्न गांवों और बाजार क्षेत्रों के किराना व्यापारियों से संपर्क करता था। वह कम दाम में कोल्ड ड्रिंक्स, फ्रीजर और अन्य सामग्री सप्लाई करने का झांसा देता था। भरोसा जीतने के लिए आरोपी फर्जी बिल बुक और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था।

प्रार्थी शंकरदास बघेल, निवासी ग्राम महिमावाड़ी, थाना झाराघाटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी उसकी दुकान में आया और कंपनी का अधिकृत सेल्समैन बताकर विभिन्न ऑफर और योजनाओं का लालच दिया। आरोपी ने नगद और फोन-पे के माध्यम से कुल 33 हजार 560 रुपये ले लिए, लेकिन न तो सामान उपलब्ध कराया और न ही राशि लौटाई। बाद में आरोपी का मोबाइल बंद हो गया।

शिकायत के बाद झाराघाटी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल नंबर और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी व्यापारियों से प्राप्त रकम अपने मोबाइल नंबर से जुड़े फोन-पे खाते में ट्रांसफर करवाता था। लगातार लोकेशन ट्रैकिंग और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने फर्जी बिल बुक तैयार कर व्यापारियों से रकम लेने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य पीड़ित व्यापारियों की जानकारी भी सामने आ रही है, जिसकी जांच जारी है।

नारायणपुर पुलिस ने आमजन और व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी कंपनी प्रतिनिधि या सेल्समैन पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित कंपनी, बिल और पहचान दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।