मछली व्यापारी की हत्या का खुलासा, मजदूरी विवाद में साथियों ने रची थी साजिश
धमतरी पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार, 2 विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी सामने आई, ₹37,800 नकद, 6 मोबाइल, हथियार और 2 बाइक जब्त


धमतरी पुलिस ने मछली व्यापारी विप्लव मंडल की हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले का महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के साथ काम करने वाले मजदूरों ने ही मजदूरी बढ़ाने को लेकर हुए विवाद और कथित अपमान का बदला लेने के लिए हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले 25 जून को हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद 27 जून को गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल में घात लगाकर लकड़ी के डंडों और चाकू से हमला कर विप्लव मंडल की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मछली बिक्री की नकदी और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और वैज्ञानिक जांच के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी उजागर हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19), सुरेंद्र यादव (26) और जगदीश विश्वकर्मा (50) के रूप में हुई है। सभी आरोपी गरियाबंद जिले के बोईरगांव के निवासी हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹37,800 नकद, मृतक के 2 मोबाइल, घटना में इस्तेमाल किए गए 4 अन्य मोबाइल, 3 लकड़ी के डंडे, 2 लोहे के चाकू और 2 मोटरसाइकिल सहित अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
