मानसून में बढ़ता है सांपों का खतरा, विशेषज्ञ बोले- डर नहीं, सही जानकारी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

मानसून में बढ़ता है सांपों का खतरा, विशेषज्ञ बोले- डर नहीं, सही जानकारी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

बारिश का मौसम शुरू होते ही घरों, खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में सांप दिखाई देने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लगातार वर्षा के कारण सांपों के प्राकृतिक आवासों में पानी भर जाता है, जिससे वे सुरक्षित और सूखी जगहों की तलाश में मानव बस्तियों के आसपास पहुंच जाते हैं। ऐसे समय में लोगों में डर और भ्रम की स्थिति बन जाती है, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने के बजाय जागरूकता अपनाना सबसे जरूरी है।

सर्प मित्र एवं वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ता अविनाश मौर्य के अनुसार भारत में पाई जाने वाली अधिकांश सर्प प्रजातियां मनुष्यों के लिए घातक नहीं होतीं। सांप सामान्यतः इंसानों से दूर रहना पसंद करते हैं और केवल खतरा महसूस होने या आत्मरक्षा की स्थिति में ही हमला करते हैं। उन्होंने बताया कि सांप पर्यावरण और कृषि व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। एक सांप सालभर में सैकड़ों चूहों का शिकार कर सकता है, जिससे किसानों की फसल और अनाज सुरक्षित रहते हैं। यदि सांपों की संख्या कम हो जाए तो चूहों की आबादी तेजी से बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर खेती और मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए। सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यूकर्ता या वन विभाग को सूचना देना सबसे उचित कदम है। बच्चों और पालतू पशुओं को भी तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए।

डिजिटल युग में मोबाइल फोन भी मददगार साबित हो सकता है। सुरक्षित दूरी से ली गई सांप की तस्वीर उसकी पहचान करने में मदद करती है और किसी आपात स्थिति में विशेषज्ञों को सही जानकारी उपलब्ध कराती है। हालांकि फोटो लेने के लिए कभी भी अपनी सुरक्षा को जोखिम में नहीं डालना चाहिए। मानसून के दौरान घरों के आसपास झाड़ियों की सफाई, कबाड़ और लकड़ी के ढेर को व्यवस्थित रखना, रात में टॉर्च का उपयोग करना तथा खेतों में जूते पहनकर जाना जैसी सावधानियां सर्पदंश की घटनाओं को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

सर्पदंश की स्थिति में विशेषज्ञ केवल चिकित्सकीय उपचार की सलाह देते हैं। झाड़-फूंक, चीरा लगाना, जहर चूसना या घरेलू नुस्खों का प्रयोग खतरनाक साबित हो सकता है। पीड़ित को शांत रखते हुए तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना ही सबसे सुरक्षित और वैज्ञानिक उपाय है। वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ताओं का कहना है कि सांप प्रकृति के संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए अंधविश्वास और भय से ऊपर उठकर इनके संरक्षण और सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। "सांप दिखे तो बचाएं, न कि मारें। जागरूक बनें, सुरक्षित रहें और प्रकृति का सम्मान करें।"

घर में सांप दिखाई दे तो क्या करें? - घबराएं नहीं और शांत रहें। - सांप से कम से कम 6–8 फीट की दूरी बनाए रखें। - बच्चों और पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। - सांप को मारने, छेड़ने या पकड़ने का प्रयास न करें। - प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यूकर्ता या वन विभाग को सूचना दें। - सांप पर पत्थर, डंडा या अन्य वस्तु न फेंकें। - यदि संभव हो तो सांप पर नजर बनाए रखें ताकि रेस्क्यू टीम को उसका स्थान बताया जा सके।

सर्प संबंधी सहायता हेतु संपर्क
अविनाश मौर्य
सर्प मित्र एवं वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ता
???? 8839226235