हिंदी रंगमंच दिवस की पूर्व संध्या पर सजी नाट्य संध्या, युवा कलाकारों ने जीता दिल

हिंदी रंगमंच दिवस की पूर्व संध्या पर सजी नाट्य संध्या, युवा कलाकारों ने जीता दिल

भिलाई। हिंदी रंगमंच दिवस की पूर्व संध्या पर नेहरू सांस्कृतिक सदन, सेक्टर-1 में आयोजित नाट्य संध्या में युवा कलाकारों ने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। कला-साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ (कवच) के तत्वावधान तथा इप्टा भिलाई के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में नाट्य कार्यशाला से जुड़े बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से रंगमंच की जीवंतता का परिचय दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मणिमय मुखर्जी के स्वागत उद्बोधन से हुई। इसके बाद नीरज, पलक, मोनालिसा, जगन्नाथ, अनुष्का, सुशांत, अतुल्या, शौर्य, लावाण्या, पिंकी, नैंसी, नंदिता, रोहित पाली, आदर्श, खुशी और शब्बीर ने अभिनय, संवाद और भावाभिव्यक्ति से समां बांध दिया। कार्यशाला के निर्देशक चारु श्रीवास्तव और रोहित रेड्डी के मार्गदर्शन में तैयार प्रस्तुतियों में मंचीय अनुशासन, अभिव्यक्ति और विषय की गंभीरता स्पष्ट दिखाई दी। नरेंद्र, रोहित पाली और गणेश ने पार्श्व सहयोग दिया।

कवच के शांतनु दासगुप्ता ने कहा कि कम समय में कलाकारों ने जिस आत्मविश्वास और संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह सराहनीय है। उन्होंने चारु श्रीवास्तव और रोहित रेड्डी के निर्देशन की विशेष प्रशंसा की। बबलू बिस्वास ने आयोजन को हिंदी रंगमंच की परंपरा और नई पीढ़ी के जुड़ाव का सशक्त उदाहरण बताया।

कार्यक्रम में राजेश श्रीवास्तव, सुमिता बसु पाटिल, सुचिता मुखर्जी, संगीता लाहिड़ी, संदीप गोखले, रोशन घडेकर, पी.बी. परगनिया, ममता सेन और भावना सिंह सहित बड़ी संख्या में कला और साहित्य जगत से जुड़े लोग एवं उनके परिवार के लोग उपस्थित थे।  अंत में श्रीमती सुमिता बसु पाटिल, अध्यक्ष, कला साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ (कवच), ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन हिंदी रंगमंच की परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान करती हैं।