जनदर्शन में किसानों की गुहार: जलभराव से फसल बचाने और सड़क प्रभावितों को मुआवजा दिलाने की मांग
कलेक्टर ने सुनी 127 शिकायतें, जल निकासी, मुआवजा और दूषित पेयजल मामलों में अधिकारियों को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

दुर्ग। जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बुधवार को लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याएं कलेक्टर अभिजीत सिंह के सामने रखीं। जनदर्शन में कुल 127 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार और आर्थिक सहायता जैसी समस्याएं शामिल रहीं। कलेक्टर ने कई मामलों में तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर जानकारी ली और शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनदर्शन में ग्राम अंजोरा के किसानों ने खेतों में बरसाती पानी की निकासी बंद होने से फसल खराब होने की आशंका जताई। किसानों ने बताया कि एक किसान द्वारा ऊंची मेड़ बना देने से वर्षों पुराना प्राकृतिक जल निकासी मार्ग बंद हो गया है, जिससे कई खेतों में पानी भर गया है और धान की फसल को भारी नुकसान का खतरा पैदा हो गया है। कलेक्टर ने इस मामले में जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

वहीं ग्राम परसाही के ग्रामीणों ने परसाही-सिर्री सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित करीब 50 परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। ग्रामीणों का कहना है कि जनवरी 2024 में मकान क्षतिग्रस्त होने के बावजूद उन्हें आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम पाटन को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उल्लास नगर, बॉम्बे आवास और अयप्पा नगर के रहवासियों ने जाम नालियों, जलभराव और दूषित पेयजल की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि नालियां जाम होने से गंदा पानी घरों के आसपास जमा हो रहा है और पेयजल पाइपलाइन भी इसी पानी के बीच से गुजर रही है, जिससे दूषित पानी की आशंका बढ़ गई है। क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। कलेक्टर ने इस मामले में नगर निगम भिलाई आयुक्त को निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
