दुर्ग जेल में नशा मुक्ति अभियान | बंदियों को दी गई नई जिंदगी की सीख

दुर्ग जेल में नशा मुक्ति अभियान | बंदियों को दी गई नई जिंदगी की सीख

दुर्ग। केंद्रीय जेल दुर्ग में बंदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में श्रीमती हिमांशु जैन, प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग ने नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नशे से मुक्ति के प्रभावी उपाय, काउंसलिंग की भूमिका तथा आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

इस दौरान बंदियों ने नशामुक्त जीवन अपनाने तथा समाज में लौटकर जिम्मेदार नागरिक के रूप में जीवन व्यतीत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

जेल प्रशासन ने बताया कि बंदियों के सर्वांगीण विकास और सफल पुनर्वास के लिए समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम, योग, ध्यान, कौशल विकास प्रशिक्षण एवं परामर्श सत्र आयोजित किए जाते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करना तथा उन्हें अपराध और नशे से दूर रखते हुए समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापित करना है।

कार्यक्रम में जेल अधीक्षक मनीष सम्भाकर सहित अन्य जेल अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।