दुर्ग-भिलाई के 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी फेल
सिविक सेंटर में विशेष निरीक्षण अभियान, कई संस्थानों में नहीं मिले अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी एग्जिट और फायर अलार्म की भी कमी


भिलाई। लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दुर्ग जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले के प्रमुख एजुकेशन हब सिविक सेंटर में संचालित विभिन्न कोचिंग संस्थानों का विशेष निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सामने आई तस्वीर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र सिंह और सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम ने कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी व्यवस्था, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा और भवन सुरक्षा मानकों का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।

जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सिविक सेंटर में संचालित 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों में से किसी भी संस्थान में फायर सेफ्टी नियमों का पूर्ण पालन नहीं किया जा रहा है। कई जगहों पर अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे, जबकि अनेक भवनों में आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए अलग निकास मार्ग की व्यवस्था नहीं मिली।
इसके अलावा अधिकांश संस्थानों में फायर अलार्म सिस्टम नहीं पाया गया। प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की कमी भी सामने आई। कई स्थानों पर विद्युत सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

सुधार नहीं हुआ तो होगी सीलिंग
अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मिली सभी कमियों की जानकारी संबंधित कोचिंग संचालकों को दे दी गई है। उन्हें तत्काल आवश्यक सुधार करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे कोचिंग सेंटरों को सील भी किया जा सकता है।
हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा दांव पर
सिविक सेंटर दुर्ग-भिलाई क्षेत्र का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य पाठ्यक्रमों की तैयारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
लखनऊ की घटना के बाद दुर्ग प्रशासन की यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि कोचिंग संचालक विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कितनी तेजी और गंभीरता से आवश्यक सुधार करते हैं।
