CG बोर्ड और CBSE टॉपर्स को SSP ने प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित, विद्यार्थियों और अभिभावकों को दिया मार्गदर्शन

दुर्ग। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस द्वारा शनिवार को विशेष सम्मान एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस लाइन स्थित दधीची सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में 10वीं और 12वीं कक्षा के CG बोर्ड तथा CBSE बोर्ड के टॉप टेन विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही पुलिस परिवार के उन बच्चों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया जिन्होंने पढ़ाई में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही जीवन में सफलता का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को लगातार सीखते रहने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। एसएसपी ने अभिभावकों से भी बच्चों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनकी भावनाओं और समस्याओं को समझना जरूरी है। परिवार का सकारात्मक माहौल बच्चों के आत्मविश्वास और सफलता में बड़ी भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में लाइफ एंड पैरेंटिंग कोच चिरंजीव जैन ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र, लक्ष्य निर्धारण, तनावमुक्त अध्ययन और सकारात्मक सोच के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में निरंतरता और समय प्रबंधन सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं और मोबाइल तथा टीवी के अत्यधिक उपयोग से दूरी बनाकर पारिवारिक वातावरण को मजबूत करें। इस दौरान शिक्षक आरिफ खान ने विद्यार्थियों को करियर और भविष्य की पढ़ाई से जुड़े विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुनने की सलाह दी। दधीची सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों और पुलिस अधिकारियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और प्रेरणा से भरा रहा। दुर्ग पुलिस की इस पहल को विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।
