लू के रेड अलर्ट में “दिशा” बनी राहत की छांव, दो माह पूरे होने पर श्रमिकों का सम्मान

लू के रेड अलर्ट में “दिशा” बनी राहत की छांव, दो माह पूरे होने पर श्रमिकों का सम्मान

भिलाई। भीषण गर्मी के इस दौर में, जब आसमान से आग बरस रही है और तापमान लगातार जनजीवन को झुलसा रहा है, ऐसे कठिन समय में सामाजिक संस्था “दिशा” मानवता, सेवा और संवेदनशीलता की एक जीवंत मिसाल बनकर सामने आई है। फॉरेस्ट एवेन्यू (एच.आई. जी.-5, हुडको) के सामने संस्था द्वारा संचालित प्याऊ पिछले दो माह से राहगीरों, श्रमिकों और जरूरतमंदों के लिए शीतल राहत का केंद्र बना हुआ है।

प्याऊ के सफलतापूर्वक दो माह पूर्ण होने के अवसर पर संस्था द्वारा इस सेवा कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले श्रमिकों का गमछा एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। उनके सम्मान में आयोजित इस आत्मीय कार्यक्रम में भोजन की भी व्यवस्था की गई। पूरा वातावरण मानवीय संवेदनाओं, अपनत्व और सामाजिक सरोकारों से सराबोर दिखाई दिया।

संस्था “दिशा” के सदस्यों ने कहा कि समाज के वास्तविक निर्माता श्रमिक ही हैं और उनके सम्मान के बिना किसी भी सामाजिक पहल की पूर्णता संभव नहीं है। भीषण गर्मी में सेवा कार्य में जुटे दिशा परिवार का उत्साह बढ़ाने के लिए आम नागरिकों का भी निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे यह जनसेवा अभियान और अधिक सशक्त होता जा रहा है।

इस पुनीत कार्य में संस्था की महिला सदस्याओं के साथ-साथ सदस्यों के परिवारजन भी सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं। सामूहिक सहयोग और सेवा की यह भावना पूरे अभियान को सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों का प्रेरणादायी उदाहरण बना रही है। उल्लेखनीय है कि “दिशा” द्वारा संचालित इस प्याऊ में प्रतिदिन शीतल जल के साथ लस्सी, मट्ठा, जलजीरा, आम पना एवं सत्तू का शर्बत निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। इन पेयों से राहगीरों, मजदूरों और आम नागरिकों को भीषण गर्मी में बड़ी राहत मिल रही है।

कार्यक्रम में संस्था के श्री रामानुजन राजू, सुजीत चक्रवर्ती, भास्कर देवनाथ, राजेश धारकर, बापी दास, जवाहर, प्रदीप दास, शांतनु दासगुप्ता, शैलेश दशोरे, मनोज ठक्कर, देबाशीष मजूमदार, उत्तम डे, कल्याण राय, अंजन रॉयचौधरी, अजय दुबे, नरसिम्हा राव, मोहन गिरी, दुष्यंत तिवारी, विजय धवारकर, के सी राव सहित महिला सदस्य सुनीता मजूमदार, कल्पना चक्रवर्ती, रीता दास, अपर्णा देबनाथ, डॉ. ज्योति धारकर, बी. कृष्णा एवं वाई. कामाक्षी उपस्थित थे।