मोबाइल फोरेंसिक वैन सेवा का शुभारंभ, वैज्ञानिक अनुसंधान को मिलेगी नई गति


भिलाई। क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला सेक्टर 4 में दिनांक 23.05.2026 को मोबाइल फोरेंसिक वैन सेवा का विधिवत शुभारंभ किया गया। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव एवं सांसद विजय बघेल द्वारा जिले के लिए उपलब्ध कराई गई अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

कार्यक्रम में विधायक दुर्ग ग्रामीण ललित चन्द्राकर, विधायक भिलाई नगर देवेन्द्र यादव, खादी ग्राम उद्योग बोर्ड अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, दुर्ग संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर दुर्ग अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अपर सत्र न्यायाधीश दीपक खोसले जी, संयुक्त संचालक अभियोजन वी.एल. राजपूत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, निगमायुक्त (बी.एस.पी.) श्रीनिवास राव सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

माननीय मंत्री गजेन्द्र यादव जी ने अपने संबोधन में कहा कि मोबाइल फोरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर तत्काल वैज्ञानिक परीक्षण एवं साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन किया जा सकेगा, जिससे अपराधों की विवेचना अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेगी। उन्होंने इसे आधुनिक अपराध अनुसंधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। सांसद विजय बघेल ने कहा कि यह पहल पुलिस विभाग एवं फोरेंसिक विज्ञान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी तथा न्यायिक प्रक्रिया में वैज्ञानिक साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि मोबाइल फोरेंसिक वैन अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से सुसज्जित है, जिसके माध्यम से घटनास्थल पर प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण, साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे अपराध अनुसंधान की प्रक्रिया अधिक त्वरित एवं वैज्ञानिक बनेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. पंकज ताम्रकार ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की प्रकृति लगातार जटिल होती जा रही है, ऐसे में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। मोबाइल फोरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर वैज्ञानिक जांच को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. प्रज्ञा गजेंद्र एवं शत्रुघ्न सिंह श्याम वैज्ञानिक अधिकारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभाग के राजपत्रित अधिकारी, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।