अपराध नियंत्रण पर सख्त हुई दुर्ग पुलिस, लंबित मामलों के जल्द निराकरण के निर्देश

क्राइम मीटिंग में वारंटियों की गिरफ्तारी, गुंडा बदमाशों की निगरानी और फरियादियों से बेहतर व्यवहार पर जोर

अपराध नियंत्रण पर सख्त हुई दुर्ग पुलिस, लंबित मामलों के जल्द निराकरण के निर्देश

दुर्ग। जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर दुर्ग पुलिस की अहम क्राइम मीटिंग पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में आयोजित की गई। बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मीटिंग में खास तौर पर पुराने लंबित प्रकरणों, स्थायी वारंटियों की तामीली, निगरानी बदमाशों की नियमित चेकिंग और थाना व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने पर फोकस किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सन 2000 से लंबित खात्मा और खारिजी प्रकरणों का जल्द निराकरण कर न्यायालय से स्वीकृति ली जाए।

दुर्ग पुलिस ने सभी थाना प्रभारियों को गुंडा और निगरानी बदमाशों का नियमित सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। बीट प्रभारी हर महीने और थाना प्रभारी प्रत्येक तीन माह में सत्यापन करेंगे। साथ ही आरक्षक और प्रधान आरक्षक को एबी नोटबुक नियमित अपडेट रखने कहा गया है। बैठक में स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। सभी थानों में वारंटियों की सूची और फोटो सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने तथा पेट्रोलिंग स्टाफ के संपर्क नंबर आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने निर्देश दिए गए। पुलिस ने यह भी कहा कि वारंटियों की सूचना देने वाले नागरिकों को इनाम देने संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार किया जाए।

एसएसपी ने पुराने लंबित आपराधिक मामलों को 15 दिनों के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए। वहीं सड़क दुर्घटनाओं में जब्त वाहनों को सुपुर्दनामे के जरिए जल्द वाहन मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया तेज करने कहा गया। थानों में मालखाना रिकॉर्ड अपडेट रखने, शासकीय संपत्तियों का पंजीयन व्यवस्थित करने और थाना भवनों की स्थिति का रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में फरियादियों और पीड़ितों के साथ सम्मानजनक व्यवहार पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि हर शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। दुर्ग पुलिस ने विभागीय अनुशासन बनाए रखने और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश भी दिए हैं।