रेलवे यार्ड में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक, तीजा-पोरा पर उमड़ा रेलवे परिवार

मटका फोड़ से लेकर लोकनृत्य तक हुआ आयोजन, पद्मश्री ऊषा बारले की पंडवानी ने बांधा समां; हजारों परिवारों ने लिया हिस्सा

रेलवे यार्ड में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक, तीजा-पोरा पर उमड़ा रेलवे परिवार

भिलाई। तीजा-पोरा के बहाने बीएमवाय चरोदा का रेलवे यार्ड रविवार को छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। देश के दूसरे सबसे बड़े रेलवे यार्ड में लगातार चौथे वर्ष आयोजित तीजा-पोरा पारिवारिक मिलन समारोह में हजारों रेलवे कर्मचारी अपने परिवारों के साथ शामिल हुए। सांस्कृतिक भवन में सुबह से शाम तक चले कार्यक्रम में कहीं महिलाएं पारंपरिक खेलों में अपना हुनर दिखाती नजर आईं तो कहीं छत्तीसगढ़ी लोकगीत और नृत्य ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

छत्तीसगढ़िया रेलवे कर्मचारी अधिकारी संगठन और छत्तीसगढ़िया महिला मंडल दुर्ग जिला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में मंडई-मेला जैसा माहौल रहा। अलग-अलग विभागों में कार्यरत रेलवे कर्मचारी, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, लोको शेड और यार्ड के कर्मचारी अपने परिवारों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे।

पंडवानी ने खींचा लोगों का ध्यान

कार्यक्रम की खास प्रस्तुति पद्मश्री सम्मानित पंडवानी गायिका ऊषा बारले की रही। उन्होंने अपनी पंडवानी और गायकी से दर्शकों को बांधे रखा। उनकी प्रस्तुति पर सांस्कृतिक भवन तालियों से गूंज उठा। इसके अलावा मटका फोड़, नारियल फेंक और विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। सामूहिक लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी गायन ने कार्यक्रम में लोक संस्कृति की रंगत और बढ़ा दी।

झूले, खेल और प्रतियोगिताओं ने बढ़ाया उत्साह

आयोजन स्थल पर बच्चों और परिवारों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले और खेल भी लगाए गए थे। पूरे दिन कर्मचारियों और उनके परिवारों की आवाजाही बनी रही। तीजा-पोरा के पारंपरिक उत्सव को पारिवारिक मिलन से जोड़ते हुए संगठन ने ऐसा माहौल तैयार किया, जिसमें रेलवे कर्मचारियों के साथ उनके परिवार भी एक-दूसरे से जुड़े।

विधायक ने तीजहारिन बहनों के लिए की घोषणा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक रीकेश सेन ने तीजा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए तीजहारिन बहनों को तीजा लुगरा देने और संगठन को आर्थिक सहयोग प्रदान करने की बात कही। क्षेत्रीय विधायक के प्रतिनिधि एवं समाजसेवी सतीश साहू ने विधायक के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने पर खेद व्यक्त किया और संगठन को भविष्य में भी सहयोग देने का आश्वासन दिया।

सतीश साहू ने विभिन्न खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। आयोजन से जुड़े संगठन के पदाधिकारियों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

महिला मंडल और संगठन के पदाधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी

आयोजन को सफल बनाने में महिला मंडल की संरक्षक परवीन वर्मा, श्रद्धा साहू, शोभा साहू, चांदनी, अध्यक्ष रामेश्वरी साहू, उपाध्यक्ष पुष्पा देवांगन, सचिव संगीता भारती, कोषाध्यक्ष प्रिया वर्मा, सहकोषाध्यक्ष दीप्ति साहू और सहसचिव पुष्पा घृतलहरे सहित पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

संगठन की ओर से बीएमवाय यार्ड अध्यक्ष मनोज वर्मा, संरक्षक मनोज सिंहा, चेतन आनंद साहू, रामकुमार साहू, सचिव विनय वर्मा, कोषाध्यक्ष रूपेश कुमार, सांस्कृतिक सचिव विमल सिंहा, संतोष कुर्रे, कौशल धृतलहरे, योगेश्वर प्रजापति, धर्मेंद्र दीवान और राजेश साहू सहित अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन की व्यवस्था संभाली।

रनिंग शाखा से एआर तारम, सुरेंद्र साहू, सचिन गोस्वामी, सोहन, अनूप नायक, नरेंद्र साहू, कमलकिशोर, शिव साहू और संदीप वर्मा सहित अन्य कर्मचारियों ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया।