दुर्ग-भिलाई में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू का खतरा, 13 पॉजिटिव, 9 एक्टिव
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, मरीजों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के साथ नियमित मॉनिटरिंग जारी; सभी की हालत सामान्य

दुर्ग। दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू यानी एच-1 एन-1 संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम और निगरानी के लिए अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। सीएमएचओ कार्यालय दुर्ग से मिली जानकारी के अनुसार 5 अगस्त से 29 अगस्त के बीच जिले में स्वाइन फ्लू के कुल 13 पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। इनमें 9 मरीज वर्तमान में एक्टिव हैं, जिनका जिले के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल सामान्य है।
पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग
स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा पॉजिटिव पाए गए मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद आवश्यकतानुसार उनकी निगरानी की जा रही है। विभाग की ओर से मरीजों की स्थिति पर नियमित नजर रखी जा रही है, ताकि संक्रमण के प्रसार को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में नए प्रकरण सामने आने पर संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। साथ ही सीजनल मॉनिटरिंग भी जारी है।
क्या है स्वाइन फ्लू N1H1?
स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से एच-1 एन-1 वायरस से होने वाला श्वसन तंत्र का संक्रमण है। इसके प्रमुख लक्षणों में सर्दी, खांसी, बुखार और बदन दर्द शामिल हैं। संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने अथवा खांसने-छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखाई देने पर घबराने के बजाय समय पर स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लें। संक्रमण से बचाव के लिए फिलहाल हाथ मिलाने और गले मिलने से बचने, स्वच्छता का ध्यान रखने तथा लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों, स्कूल और कार्यालय जाने से बचने की सलाह दी गई है।
खांसी-छींकते समय मुंह-नाक ढंकना जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने खांसते या छींकते समय रूमाल, टिश्यू या कोहनी से मुंह और नाक ढंकने की सलाह दी है। हाथों को बार-बार साबुन-पानी से धोने अथवा सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने और आंख, नाक व मुंह को बार-बार छूने से बचने को कहा गया है।
स्वाइन फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखने के साथ पर्याप्त आराम, नींद, पानी और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी गई है। लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य की निगरानी करने को कहा गया है। स्थिति बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील स्वास्थ्य विभाग ने की है।
