रवि निगम जिला बदर, दुर्ग से लेकर रायपुर तक 7 जिलों में एक साल तक नो एंट्री
5 आपराधिक मामलों के रिकॉर्ड के बाद प्रशासन की सख्ती, एक साल तक जिले की सीमा में घुसने पर रोक

भिलाई। आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त रहने वाले रवि निगम पर दुर्ग प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। जिला दण्डाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत रवि निगम को एक साल के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया है। कार्रवाई के बाद अब रवि निगम को दुर्ग ही नहीं, बल्कि कुल 7 जिलों की सीमा से बाहर रहना होगा।
35 वर्षीय रवि निगम, निवासी रावण भाठा सुपेला के खिलाफ वर्ष 2013 से 2025 के बीच थाना सुपेला और पद्मनाभपुर में पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ डराने-धमकाने, मारपीट, गाली-गलौज और विवाद की स्थिति में अशांति पैदा करने जैसी गतिविधियों का रिकॉर्ड सामने आया है।
एक सप्ताह में छोड़नी होगी सीमा
जिला दण्डाधिकारी के आदेश के अनुसार रवि निगम को आदेश जारी होने की तारीख से एक सप्ताह के भीतर प्रतिबंधित जिलों की सीमा से बाहर जाना होगा। इसके बाद एक वर्ष तक सक्षम अनुमति के बिना इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
इन जिलों में रहेगा प्रवेश प्रतिबंधित
दुर्ग, बालोद, धमतरी, बेमेतरा, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और रायपुर।
12 साल में पांच केस, फिर प्रशासन ने की कार्रवाई
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रवि निगम के खिलाफ पहला मामला वर्ष 2013 में सुपेला थाने में दर्ज हुआ था। इसके बाद 2018, 2023 में दो मामले और 2025 में पद्मनाभपुर थाने में एक मामला दर्ज हुआ। इस तरह करीब 12 साल के दौरान उसके खिलाफ कुल पांच आपराधिक प्रकरण सामने आए।इन मामलों में मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, रास्ता रोकने और तोड़फोड़ सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
पुलिस की रिपोर्ट बनी कार्रवाई का आधार
पुलिस अधीक्षक दुर्ग की ओर से जिला दण्डाधिकारी के समक्ष रवि निगम के खिलाफ प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिला बदर प्रकरण क्रमांक 01/2026 में सुनवाई के दौरान पुलिस रिकॉर्ड, आपराधिक प्रकरणों, अभियोजन साक्षियों के बयान, बचाव पक्ष के जवाब और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई।
पुलिस रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद आपराधिक गतिविधियों से दूर नहीं हुआ। लोक शांति और कानून-व्यवस्था पर संभावित असर को देखते हुए प्रशासन ने जिला बदर की कार्रवाई को उचित माना।
विवाद में भीड़ जुटाकर अशांति फैलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार रवि निगम के खिलाफ लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने और विवाद की परिस्थितियों में भीड़ एकत्र कर माहौल बिगाड़ने जैसी गतिविधियों में शामिल रहने की शिकायत और रिकॉर्ड सामने आए हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त प्रतिबंधात्मक कदम उठाया।
सुपेला पुलिस ने तैयार किया पूरा रिकॉर्ड
जिला बदर प्रकरण तैयार करने में थाना सुपेला पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, पूर्व प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और संबंधित दस्तावेजों को संकलित कर प्रतिवेदन तैयार किया।
