BSP में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यूनियन ने उठाए सवाल, जमीनी स्तर पर ठोस उपाय की मांग
भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर BSP Workers Union ने चिंता जताई। यूनियन ने मैनपावर, ट्रेनीज की सुरक्षा, कार्यस्थल की कमियों और दुर्घटनाओं के मूल कारणों की समीक्षा की मांग की।

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और ठेका श्रमिकों की मौतों को लेकर बीएसपी वर्कर्स यूनियन (BWU) ने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। यूनियन की बैठक में पदाधिकारियों और कर्मियों ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दुर्घटनाओं के मूल कारणों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
यूनियन ने कहा कि तकनीकी व्यवस्थाओं में सुधार जरूरी है, लेकिन कार्यस्थल की वास्तविक कमियों को दूर करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यूनियन ने विशेष रूप से RFID व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि तकनीकी उपाय उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन दुर्घटनाओं के मूल कारण दूर किए बिना केवल तकनीक के जरिए पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
बैठक में मैनपावर की कमी को भी सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया। यूनियन के अनुसार कम मानवबल में काम का दबाव बढ़ने से सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है। संगठन ने संवेदनशील और जोखिम वाले कार्यस्थलों पर पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध कराने, मैनपावर कटौती रोकने तथा प्रशिक्षित ठेका श्रमिकों को ही कुशल कार्यों में लगाने की मांग की। यूनियन ने नियमित कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग रखी है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था का नियमित रूप से जमीनी मूल्यांकन करने पर जोर दिया गया।
ट्रेनीज की सुरक्षा पर भी चिंता
यूनियन ने संयंत्र के संवेदनशील और जोखिम वाले कार्यस्थलों पर ट्रेनीज की तैनाती को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि पूरी तरह अनुभवी नहीं होने वाले ट्रेनीज को पर्याप्त प्रशिक्षण, अनुभवी कर्मचारियों के मार्गदर्शन और जरूरी सुरक्षा व्यवस्था के बिना जोखिम वाले कार्यों में नहीं लगाया जाना चाहिए। यूनियन ने मांग की कि ट्रेनीज को उनकी क्षमता और प्रशिक्षण के अनुरूप ही काम सौंपा जाए तथा संवेदनशील कार्यस्थलों पर उनकी सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जाए।
सेंट्रल सेफ्टी कमेटी की बैठक बुलाने की मांग
यूनियन ने सवाल उठाया कि लगातार दुर्घटनाओं और श्रमिकों की मौतों के बाद सेंट्रल सेफ्टी कमेटी की बैठक क्यों नहीं बुलाई गई। संगठन के अनुसार सुरक्षा के मुद्दे पर यूनियन के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी कई महीनों से नहीं हुई है। BWU ने तत्काल उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा में श्रमिक प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी होनी चाहिए।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल
यूनियन ने औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि श्रमिकों की सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। यूनियन ने दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों की पहचान कर भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। यूनियन ने कहा कि लगातार हो रही ठेका श्रमिकों की मौतों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वह मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री और सांसद के समक्ष भी अपनी शिकायत रखेगी।
आश्रितों को रोजगार देने की प्रक्रिया तय करने की मांग
BWU ने दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले श्रमिकों के आश्रितों को रोजगार या अनुकम्पा नियुक्ति देने की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने की मांग भी की है। यूनियन का कहना है कि दुर्घटना के बाद राहत और मुआवजा जरूरी है, लेकिन प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था तैयार करने की होनी चाहिए जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके। यूनियन ने प्रबंधन से मैनपावर, प्रशिक्षण, संवेदनशील विभागों की कार्य व्यवस्था, ट्रेनीज की सुरक्षा, सुरक्षा संसाधनों और हाल की दुर्घटनाओं के कारणों की विस्तृत समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की मांग की है। बैठक में यूनियन अध्यक्ष उज्जवल दत्ता, महासचिव खूबचंद वर्मा, कार्यकारी महासचिव शिव बहादुर सिंह, अतिरिक्त महासचिव दिलेेश्वर राव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेख मेहमूद सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
