बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 579 पर्यटकों समेत 826 लोग नेपाल में संपर्क से बाहर; 300 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की पुष्टि

बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 579 पर्यटकों समेत 826 लोग नेपाल में संपर्क से बाहर; 300 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की पुष्टि

काठमांडू। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद तबाही का मंजर और भयावह होता जा रहा है। नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में करीब 1500 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ के बाद 826 लोग संपर्क से बाहर हैं। इनमें 579 विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

तिब्बत में 588 लोग लापता

नेपाल के साथ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी आपदा ने भारी नुकसान पहुंचाया है। यहां 588 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। दोनों देशों में लापता लोगों की संख्या को जोड़ें तो यह आंकड़ा करीब 1500 तक पहुंच रहा है।

नेपाल में जवान और हाइड्रो पावर कर्मचारी भी लापता

लापता लोगों में सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। नेपाल सरकार के अनुसार, नेपाल सेना के 44 जवान, अलग-अलग पुलिस चौकियों पर तैनात नेपाल पुलिस के 28 जवान और आपदा प्रभावित इलाकों में तैनात सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवानों से संपर्क नहीं हो पाया है। इस तरह सुरक्षा बलों के कुल 85 जवान लापता बताए गए हैं।

इसके अलावा विभिन्न हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 162 स्टाफ सदस्यों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

300 से ज्यादा भारतीय भी लापता

नेपाल विदेश मंत्रालय ने 300 से ज्यादा भारतीय नागरिकों के लापता होने की पुष्टि की है। नेपाल सरकार का कहना है कि विदेशी नागरिकों समेत सैकड़ों लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। आपदा के बाद राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में तलाश अभियान चला रहे हैं।

बड़ी संख्या में पर्यटक भी फंसे

नेपाल में पर्यटन क्षेत्र पर भी इस आपदा का बड़ा असर पड़ा है। संपर्क से बाहर लोगों में 579 पर्यटकों का शामिल होना चिंता बढ़ा रहा है। दुर्गम और बाढ़ प्रभावित इलाकों में संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण लापता लोगों तक पहुंचने में राहत दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नेपाल और तिब्बत में करीब 1500 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों और पर्यटकों की है।