भिलाई में 1000 करोड़ के निवेश घोटाले का खुलासा, 1500 निवेशकों से ठगी का आरोप, चार्टेड अकाउंटेड गिरफ्तार
हर महीने 10% मुनाफा और रकम दोगुनी करने का झांसा, कोर्ट पहुंचे मुख्य आरोपी योगेश साहू को निवेशकों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया

भिलाई। शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर प्रदेशभर के करीब 1500 लोगों से लगभग 1000 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपों के बीच एरिना कैपिटल के संचालक योगेश साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लंबे समय से फरार था। बुधवार को वह एक अन्य मामले में कोर्ट पहुंचा, जहां मौजूद निवेशकों ने उसे पहचानकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
सुपेला थाना पुलिस ने योगेश साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(2), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में उसके सहयोगी मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू, ज्ञानप्रकाश साहू सहित अन्य के खिलाफ भी धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता और बीएसपी से सेवानिवृत्त कर्मचारी राजू नामदेव ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और कम समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया। भरोसा दिलाने के लिए अन्य निवेशकों के मुनाफे के दस्तावेज भी दिखाए गए।
राजू नामदेव ने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपये योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के खाते में ट्रांसफर किए। शुरुआती कुछ महीनों तक मुनाफा दिया गया, लेकिन पिछले 9 से 10 महीनों से न तो लाभ मिला और न ही मूल रकम लौटाई गई।
शिकायत में दावा किया गया है कि शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपये, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपये, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख रुपये, जबकि अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपये निवेश के नाम पर लिए गए। पुलिस का कहना है कि इसके अलावा भी कई पीड़ित सामने आ रहे हैं और जांच के दौरान धोखाधड़ी का दायरा बढ़ सकता है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी इस मामले से जुड़ी नई शिकायतें और एफआईआर दर्ज हो सकती हैं।
